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फंडों का प्रदर्शन बेंचमार्क से कमजोर

बीएस संवाददाता / मुंबई March 27, 2017

भारत में म्युचुअल फंड योजनाओं में एकमुश्त निवेशकर उसे छोड़ देना अधिक लोकप्रिय नहीं रहा है। निवेशक फंड मैनेजरों द्वारा प्रबंधित योजनओं को तरजीह देते हैं ताकि बेंचमार्क से बेहतर रिटर्न हासिल करने के लिए उनकी योग्यताओं का फायदा उठाया जा सके।
हालांकि एसपीआईवीए इंडिया (एसऐंडपी इंडेक्स वर्सेज ऐक्टिव फंड्ïस) के आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2016 में समाप्त पिछले एक साल की अवधि के दौरान 66 फीसदी लार्जकैप इक्विटी फंड, 64 फीसदी ईएलएसएस (इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम) फंड और 71 फीसदी मिड एवं स्मॉलकैप इक्विटी फंड का प्रदर्शन बेंचमार्क सूचकांकों के मुकाबले कमजोर रहा।
लंबी अवधि की योजनाओं का प्रदर्शन कहीं अधिक कमजोर दिखा। उदाहरण के लिए, पांच साल की अवधि वाली 54 फीसदी लार्जकैप, 24 फीसदी ईएलएसएस और 42 फीसदी मिड एवं स्मॉलकैप योजनाओं का प्रदर्शन बेंचमार्क सूचकांक के मुकाबले कमजोर रहा। जबकि 10 साल की अवधि वाली योजनाओं के संदर्भ में यह आंकड़ा अपेक्षाकृत अधिक रहा। 10 साल की अवधि वाली 55 फीसदी लार्जकैप, 50 फीसदी ईएलएसएस और 46 फीसदी मिड एवं स्मॉलकैप योजनाओं का प्रदर्शन कमजोर रहा।
कुल मिलाकर अधिकांश मिड एवं स्मॉलकैप योजनाएं अपने प्रदर्शन के लिहाज से बेंचमार्क को पार करने में सफल रहीं लेकिन अधिकतर लार्जकैप योजनाओं का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा।
इसके अलावा पिछले 10 साल के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली योजनाओं और खराब प्रदर्शन करने वाली योजनाओं के बीच खाई काफी गहरी दिखी। बीएसई और एसऐंडपी डाउ जोंस सूचकांकों के संयुक्त उपक्रम एशिया इंडेक्स द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली तिमाही के दौरान सभी श्रेणियों के फंडों का प्रदर्शन बेहतर रहा। लार्ज कैप फंड का प्रदर्शन पहली तिमाही के दौरान तीसरी तिमाही के मुकाबले 3.55 फीसदी बेहतर रहा। ईएलएसएस श्रेणी की योजनाओं के संदर्भ में यह आंकड़ा 3.56 फीसदी और मिड एवं स्मॉलकैप श्रेणी में यह आंकड़ा 4.33 फीसदी रहा।
एसपीआईवीए के आंकड़ों से भी पता चलता है कि अधिकतर कंपोजिट बॉन्ड फंडों का प्रदर्शन एसऐंडपी बीएसई इंडिया बॉन्ड सूचकांक के मुकाबले कमजोर रहा। इसमें एक साल, तीन साल, पांच साल और 10 साल की अवधि वाली सभी श्रेणी की योजनाएं शामिल हैं। जबकि तीन साल, पांच साल और 10 साल की परिपक्वता अवधि वाली अधिकतर सरकारी बॉन्ड योजनाओं का प्रदर्शन एसऐंडपी बीएसई इंडिया गवर्नमेंट बॉन्ड सूचकांक के मुकाबले कमजोर रहा। एसपीआईवीए इंडिया ने निरंतरता शैली के आधार पर भी योजनओं का विश्लेषण किया। इस मानदंड के तहत विश्लेषण का उद्देश्य योजनाओं को शुरुआती निवेश श्रेणी के आधार पर प्रतिशत भटकाव का आकलन करना है।क्व

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