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बिहार में लगेगा महंगी बिजली का झटका

बीएस संवाददाता / पटना March 24, 2017

करीब तीन साल की शांति के बाद बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को जबरदस्त झटका लगने वाला है। अगले महीने से राज्य में बिजली बिल में 55 फीसदी का इजाफा होगा। इस इजाफे को राज्य विद्युत नियामक आयोग की भी मंजूरी मिल गई है। इससे राज्य में वितरण कंपनियों को 4,700 करोड़ रुपये की मोटी कमाई होगी।
नई दरों के मुताबिक अगले महीने से राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट बिजली के 3 रुपये से लेकर 4 रुपये अतिरिक्त चुकाना पड़ेगा। आयोग के अध्यक्ष एस के नेगी ने आज यह ऐलान किया। उन्होंने कहा, 'वितरण कंपनियों ने तो राज्य में बिजली दरों में 84 फीसदी इजाफे की सिफारिश की थी, लेकिन हमने इस बारे में 55 फीसदी इजाफे को ही मंजूर किया है। इसमें इस वक्त राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी को शामिल नहीं किया गया है। अगर इसमें कुटीर ज्योति और ग्रामीण उपभोक्ताओं को राज्य सरकार से दिए जाने वाली सब्सिडी को शामिल कर लिया जाए, तो यह इजाफा घटकर 28 फीसदी तक सिमट जाएगा।' हालांकि, इसके बावजूद भी यह इजाफा राज्य में बिजली दरों में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी।
इसके लिए आयोग ने नई व्यवस्था के तहत अनुदान को दरों में शामिल नहीं किए जाने और बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण को जिम्मेदार बताया है। नेगी ने कहा, 'इस बार सबसे ज्यादा इजाफा कुटीर ज्योति, ग्रामीण उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं की दरों में दिखाई देता है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि राज्य सरकार ने अब तक इन कंपनियों के लिए अनुदान का ऐलान नहीं किया है। इसीलिए अनुदान के बिना ही हमने इन दरों का फैसला लिया है। अगर बाद में राज्य सरकार अनुदान का ऐलान करती है, तो इससे इन दरों में कमी हो सकती है।' वहीं, शहरी इलाकों में बिजली की कीमत में बेतहाशा इजाफे के लिए आयोग ने कोयले की कीमत और बड़े पैमाने पर ग्रामीण विद्युतीकरण को जिम्मेदार बताया।
नेगी ने कहा, 'हमें वितरण कंपनियों के घाटे को उदय योजना के हिसाब से तय करनी थी। इस वजह से हमें दरों में इजाफा करना पड़ा। वहीं, इन कंपनियों ने बीते कुछ वर्षों में वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने पर मोटी रकम खर्च की है। इसका भी असर दरों पर हुआ है। इसके अलावा, इस साल के अंत तक इन कंपनियों को राज्य में 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल करना है। इससे इनकी लागत मे इजाफा होगा। इसके अलावा, बीते साल एप्टेल ने भी हमें कुछ मुद्दों पर फिर से विचार करने का आदेश दिया था। इसका असर दरों पर हुआ है।'
आयोग के मुताबिक अब तक राज्य में करीब 91 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि राज्य में कुल परिवार करीब 1.60 करोड़ हैं। अगले साल मार्च तक वितरण कंपनियों ने 29 लाख नए उपभोक्ता जोडऩे का फैसला लिया है। इस वजह से राज्य में ज्यादा बिजली की जरूरत होगी, जबकि राज्य में संचारण और वितरण घाटा 40 फीसदी से भी ज्यादा है। 

Keyword: bihar, power, electricity,
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