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स्पाइसर से कड़े सवाल पर हंगामा

निकिता पुरी /  March 19, 2017

पिछले सप्ताह वाशिंगटन स्थित शैक्षिक वकील श्री चौहान के लिए सोशल मीडिया पर धमकियां मिलना आम बात हो गई थी। इसकी शुरुआत तब हुई जब 33 वर्षीया चौहान पिछले शनिवार को ऐपल स्टोर में अपना खराब फोन ठीक कराने के लिए गई थीं। जैसे ही उन्होंने इस स्टोर में प्रवेश किया, उनकी नजर व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव एवं डॉनल्ड ट्रंप के लिए संचार निदेशक सिएन स्पाइसर पर पड़ी। चौहान ने मीडियम पोस्ट में कहा है, 'मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि क्या वाकई मेरे सामने स्पाइसर खड़े हैं।'
बगैर कोई देर किए चौहान ने स्पाइसर से मुलाकात की और स्वयं को उनसे कुछ सवाल पूछने के लिए तैयार किया। स्पाइसर से पूछे गए इन सवालों में शामिल थे, 'देश को बरबाद कर आप कैसा महसूस कर रहे हैं?' और 'क्या आप अमेरिकी लोगों को धोखे में रखकर अच्छा महसूस कर रहे हैं?'
चौहान द्वारा स्पाइसर से पूछे गए सवालों में अगला सवाल था, 'एक फासीवादी के लिए काम कर कैसा महसूस करते हैं।' उन्होंने स्पाइसर से यह भी पूछने की हिम्मत कर डाली कि क्या उन्होंने रूसी स्टाफ की मदद की।
'थैंक यू' के साथ अपने जवाब दे रहे स्पाइसर ने चौहान को बताया कि अमेरिका एक ऐसा महान देश है जो आपको यहां रहने की अनुमति देता है। इसके बाद स्पाइसर ने स्टोर से जाने से पहले एक अन्य ग्राहक से भी बात की थी।
गुजरात से अमेरिका आकर बसे प्रवासी माता-पिता की अमेरिका में जन्मी संतान चौहान को अपनी अमेरिकी नागरिकता को लेकर लगातार संदेह की नजर से देखा जाता रहा है। वह मानती है कि स्पाइसर का जवाब नस्लवाद और कट्टïरता का उदाहरण था। वह बार बार उस वीडियो को देखती हैं जो उन्होंने स्पाइसर के साथ हुई बातचीत के दौरान बनाया था। उन्होंने अपने ट्ïिवटर अकाउंट पर भी इस वीडियो को डाला है।
चौहान ने अपने पोस्ट में लिखा है, 'यह एक अंतर्निहित खतरा है। जरा स्पाइसर की हिम्मत के बारे में सोचिए जिन्होंने यह जानते हुए भी बेबाकी के साथ इस तरह के जवाब दिए कि इस बातचती का वीडियो बनाया जा रहा है।
'पैरेंट्ïस इन पार्टनरशिप' नाम के शैक्षिक स्टार्टअप की संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी चौहान अमेरिकी लोगों के धु्रवीकरण का चेहरा बन गई हैं।
'स्पाइसर घटनाक्रम' और अपने आईफोन में खराबी के बीच हुए इस वाकये ने चौहान को सुर्खियों में ला दिया है। चौहान को दक्षिण-पूर्व वाशिंगटन में जेफरसन मिडिल स्कूल में ट्रंप द्वारा नियुक्त नई शिक्षा सचिव बेटï्ïसी डेवोस के खिलाफ विरोध के आयोजकों में से एक माना गया था। निजी स्कूलों के प्रमोटर इस स्कूल के लिए शिक्षा सचिव के तौर पर डेवोस की पहली यात्रा थी। 
चौहान ने कहा कि वह अभी भी अपने फोन के खराब हुए कांच को प्रतीकात्मक मानती हैं क्योंकि यह उन्हें लगातार इसकी याद दिलाता है कि भविष्य में क्या हो सकता है और हम मौजूदा समय में किन परिस्थितियों में रह रहे हैं। संयोग की बात है कि उनका फोन उसी दिन खराब हुआ था जब अमेरिकी राष्टï्रपति के चुनाव हुए थे।
चौहान यह स्वीकार करते हुए कहती हैं कि जब वह अपना फोन ठीक कराने के लिए स्टोर में गई थीं और स्पाइसर से उनकी अचानक मुलाकात हुई तो वह उनसे बातचीत के दौरान नरम या अधिक विनम्र नहीं थीं।
अपने स्टार्टअप को पेश करते वक्त चौहान ने यूटï्ïयूब वीडियो में कहा, 'उनके माता-पिता अमेरिका में बसने के सपने के लिए भारत में सब कुछ छोड़ कर चले गए थे, लेकिन उनका सफर इतना आसान नहीं था।' उनकी मां सिर्फ 9वीं कक्षा तक पढ़ीं और सिर्फ चौहान और उनके भाई के लिए ही दूसरों की मदद से अमेरिकी शिक्षा संभव हो सकी थी।
चौहान ने कहा कि वह किसी लोकप्रिय हस्ती से बात करने को लेकर बहुत ज्यादा उतावली नहीं रही हैं। लेकिन जब उन्होंने स्टोर में स्पाइसर को देखा तो महसूस किया कि बगैर किसी सुरक्षा ताम-झाम के स्पाइसर से सवाल पूछने का इससे बेहतर मौका और नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं ते मैं काफी परेशान थी, लेकिन स्पाइसर से कई और गहन सवाल पूछना चाहती थी, लेकिन इसके लिए अधिक समय नहीं मिला।'
चौहान ने कहा है, 'मैं इसे लेकर अभी भी आश्चर्यचकित हूं। मैं यह सोचती हूं कि किस तरह से ट्रंप प्रशासन हमारे जैसे सामान्य लोगों को चुप कराने के लिए अपनी ताकत का इस्तेमाल करेगा।'

Keyword: sean spicer, America, shri chauhan,
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