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अग्रिम कर में सुस्ती ने बढ़ाई फिकर

श्रीमी चौधरी / मुंबई 03 16, 2017

मार्च तिमाही में शीर्ष कंपनियों का अग्रिम कर महज 6 फीसदी बढ़ा

चालू वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में देश की शीर्ष 100 कंपनियों ने पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में करीब 6 फीसदी ज्यादा अग्रिम कर का भुगतान किया है। आयकर विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 43 कंपनियों ने 29,239 करोड़ रुपये का अग्रिम कर चुकाया है। अक्टूबर-दिसंबर 2016 तिमाही में इन 43 कंपनियों ने 27,322 करोड़ रुपये का अग्रिम कर का भुगतान किया था। मार्च 2017 तिमाही में यह आंकड़ा मार्च 2016 की तुलना में करीब 8 फीसदी ज्यादा है।

हालांकि कर अधिकारियों का कहना है कि मार्च 2017 में शीर्ष 100 कंपनियों के अग्रिम कर जमा कराने की वृद्घि दिसंबर 2016 की तुलना में 6 फीसदी कम है। एक वरिष्ठ कर अधिकारी ने कहा, 'शीर्ष कंपनियों से अग्रिम कर संग्रह हतोत्साहित करने वाला है क्योंकि मार्च तिमाही में देश की शीर्ष 100 कंपनियों का अग्रिम कर जमा कराने की वृद्धि दर आमतौर पर 10 फीसदी से ज्यादा रहती है।' दिसंबर 2016 तिमाही में भी शीर्ष 43 कंपनियों से कर संग्रह में सितंबर तिमाही के मुकाबले 10.12 फीसदी बढ़ा था।

मार्च तिमाही में उच्च इकाई अंक की वृद्घि दर मुख्य रूप से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), इंडियन ऑयल सहित शीर्ष सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की वजह से आई है। निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों से कर संग्रह में या तो गिरावट आई है या उनकी वृद्घि दर कम रही है। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक के अग्रिम कर भुगतान में पिछली तिमाही की तुलना में 37 फीसदी और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 36 फीसदी की कमी आई है। इसी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने पिछली तिमाही की तुलना में 2 फीसदी कम अग्रिम कर चुकाया जबकि टाटा स्टील ने 16 फीसदी कम कर का भुगतान किया।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार आरआईएल ने मार्च तिमाही में 1,664 करोड़ रुपये का अग्रिम कर चुकाया जबकि दिसंबर तिमाही में उसने 2,600 करोड़ रुपये कर चुकाया था। इसी तरह टीसीएस ने 1,509 करोड़ रुपये कर चुकाया जबकि दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 1,540 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।

हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने कहीं ज्यादा अग्रिम कर का भुगतान किया है। एसबीआई ने मार्च तिमाही में 3,574 करोड़ रुपये का अग्रिम कर चुकाया जो दिसंबर तिमाही के 1,554 करोड़ रुपये से 130 फीसदी ज्यादा है। पीडब्ल्यूसी के पार्टनर (प्रत्यक्ष कर) राहुल गर्ग ने कहा, 'अधिकतर सार्वजनिक उपक्रमों ने ज्यादा कर चुकाया है, जो दर्शाता है कि बैंकिंग तंत्र में नकदी प्रवाह बढ़ा है।' गर्ग ने कहा कि मार्च तिमाही में नोटबंदी का भी असर दिखा है। 

Keyword: अग्रिम कर, आयकर विभाग, कर संग्रह, एसबीआई, एलआईसी, इंडियन ऑयल, टीसीएस, आरआईएल, पीडब्ल्यूसी,
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