Search BS HindiWeb         Follow us on 
Business Standard
Monday, April 24, 2017 06:44 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम निवेश खबर

चीनी आयात शुल्क ने निकाला तिल का तेल

दिलीप कुमार झा / मुंबई March 12, 2017

आयात शुल्क की बाधाओं के कारण बार-बार प्रयास के बावजूद भारत अभी तक चीन के तिल बाजार में घुसने में विफल रहा है। चीन के इस  शुल्क के कारण तिल और मूंगफली के करीब 50 करोड़ डॉलर के चीनी बाजार में निर्यात का अवसर हाथ से निकल गया है। लिहाजा, भारतीय निर्यातकों ने प्रशांत व्यापार समझौता (एपीटीए और पूर्व में बैंकॉक समझौता) की समीक्षा के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है। 1975 में किए गए इस समझौते में तरजीही शुल्क की व्यवस्था है। इसका लक्ष्य सदस्य देशों द्वारा आपसी सहमति से छूट देते हुए आदान-प्रदान के जरिए अंतर-क्षेत्रीय व्यापार को प्रोत्साहित करना है। भारत और चीन के अलावा, बांग्लादेश, कोरिया और श्रीलंका भी इसमें शामिल हैं।
 
इस समझौते के तहत दुनिया के सबसे बड़े आयातक चीन ने विश्व के सबसे बड़े तिल निर्यातक भारत के तिल आयात पर नौ प्रतिशत का शुल्क लगाया है। शुल्क ने चीन में भारतीय तिल निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा को मुश्किल कर दिया है। भारत के निर्यात में बाधा डालकर चीन ने अफ्रीकी देशों के आयात को प्रोत्साहित किया है जिनमें इथियोपिया, सूडान, मोजांबिक, तंजानिया, युगांडा, माली, बुर्कीना फासो और नाइजीरिया शामिल है। इन देशों के निर्यातक अपने निर्यात को प्रतिस्पर्धा में रखते हुए चीन में शून्य आयात शुल्क का लाभ उठा रहे हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के संरक्षण में कार्यशील भारतीय तिलहन और उत्पाद निर्यात संवर्धन परिषद (आईओपीईपीसी) के अध्यक्ष संजीव सावला ने कहा कि शुल्क की इस बाधा ने चीनी बाजारों में भारतीय तिल को महंगा कर दिया है। हालांकि पहले भी कई बार इस बात को चीनी सरकार के सामने उठाया जा चुका है लेकिन प्रगति नहीं हुई है। उद्योग के सूत्रों ने कहा कि निर्यातकों ने शुल्क के मसले पर वाणिज्य मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है।
 
भारत तिल का दुनिया में सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है। इसका वार्षिक उत्पादन 7-8 लाख टन है। कृषि मंत्रालय ने 2016-17 के फसल वर्ष में भारत का तिल उत्पादन 6.7 लाख टन रहने का अनुमान जताया है। तिल का प्रयोग औषधीय तेल के उत्पादन में किया जाता है। तिल का इस्तेमाल खाने के अलावा कुछ फास्ट फूड और गुड़ से बनी चीजों में भी किया जाता है। तिल का सबसे बड़ा उत्पादक होनेे के बावजूद भारत का चीन के कुल 80 लाख टन के आयात में महज दो प्रतिशत हिस्सा है। व्यापारियों का मानना है कि वाणिज्य मंत्रालय को भारत से चीन के तिल और मूंगफली निर्यात पर आयात शुल्क हटाने के लिए चीनी अधिकारियों से वार्ता करनी चाहिए। सावला ने कहा, 'अगर आयात शुल्क हटा लिया जाता है तो भारत चीन को सालाना 30 करोड़ डॉलर का कम से कम 1,50,000 टन तिल निर्यात कर सकेगा।'
 
तिल की तरह ही चीन ने भारत के मूंगफली निर्यात पर भी 15 प्रतिशत शुल्क लगाया है जिसने इस तिलहन के निर्यात की प्रतिस्पर्धा को भी  मुश्किल कर दिया है। चीन प्रति वर्ष करीब 3,00,000 टन मूंगफली का निर्यात करता है जिसमें भारत आसानी से 30 प्रतिशत से ज्यादा की हिस्सेदारी कर सकता है। सावला ने कहा, 'शुल्क बाधा हटा ली जाए तो हम चीन को हर साल आसानी से 12 करोड़ डॉलर मूल्य की 1,00,000 टन मूंगफली निर्यात कर सकते हैं।' कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के आंकड़े दर्शाते हैं कि 2015-16 के दौरान चीन को भारत का कुल मूंगफली निर्यात 50 प्रतिशत गिरकर 15,791 टन रह गया जबकि पिछले साल यह 33,677 टन रहा।
Keyword: agri, farmer, आयात शुल्क, तिल,
Advertisements
  Impact of Network performance on loyalty of smartphone users
   Impact of connected mobile devices on consumer video needs
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
E-DINAR: The startup of the year 2016. Click to know more
E-DINAR - a new generation of P2P exchange
  आपका मत
 क्या रेरा के लागू होने से डेवलपरों पर कसेगी नकेल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.