Search BS HindiWeb         Follow us on 
Business Standard
Tuesday, March 28, 2017 09:50 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|
 
होम खबर

विमानन क्षेत्र में अरमान के पंख : आसमान में कमान, उद्यम में नया जहान

अरिंदम मजूमदार /  03 08, 2017

भारतीय महिलाओं की सफलता के कारनामे

पारिवारिक दबाव और पुराने कायदे-कानूनों के कारण विमानन क्षेत्र में महिलाओं के लिए राह बनाना आसान नहीं
महिला पायलटों का कहना है कि ज्यादा काम और अपनों से दूर रहना है एक भावनात्मक तनाव

कैप्टन तृषा मोहन भले ही विशालकाय बोइंग 747 विमान उड़ाने वाली अकेली महिला हों लेकिन वह उस समय अपनी मुस्कराहट नहीं रोक पाती हैं जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल उन्हें सर कहकर संबोधित करता है। पिछले 20 वर्षों से एयर इंडिया के विमानों को उड़ा रहीं कैप्टन तृषा कहती हैं, 'मुझे यह मजाकिया लगता है लेकिन यह बात मेरे दिमाग में ज्यादा देर नहीं रहती है क्योंकि उस समय मेरा पूरा ध्यान उड़ान पर होता है।' पूरी दुनिया में विमानन क्षेत्र में पुरुषों का दबदबा है जबकि राइट बंधुओं की पहली उड़ान को 100 साल से अधिक समय हो चुका है। विमानन कंपनियों में अहम भूमिका में महिलाओं की भागीदारी अब भी महज 3 फीसदी है।

26 फरवरी को एयर इंडिया के 16 क्रू सदस्य दिल्ली हवाई अड्डे के डिस्पैच यूनिट में जमा हुए। दूसरे दिनों की तरह यह भी एक आम दिन था बस फर्क इतना था कि 16 महिलाएं एक ऐतिहासिक यात्रा पर जा रही थीं। कैप्टन क्षमता बाजपेयी और कैप्टन सुनीता नरूला की अगुआई में महिलाओं की टीम 15,300 किलोमीटर लंबी दुनिया की सबसे लंबी नॉन स्टॉप उड़ान सैन फ्रांसिस्को जा रही थीं। पिछले 30 साल से विमान उड़ान रही कैप्टन नरूला ने कहा, 'जब हम विमान की तरफ जा रहे थे तो मुझे याद है कि एक महिला हमारी तरफ इशारा करके अपनी बेटी से कह रही थी कि उसे हमारी तरह बनना है।'

सैन फ्रांसिस्को के लिए नॉन-स्टॉप प्रशांत महासागर के ऊपर से होकर गुजरी और अटलांटिक महासागर के रास्ते वापस आई। इस तरह उसने 250 यात्रियों के साथ लगभग पूरी दुनिया का चक्कर लगा लिया। सैन फ्रांसिस्को तक 15 घंटे 10 मिनट की उड़ान में इस उड़ान में बोइंग 777-200एलआर विमान ने 1000 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार के साथ 15,300 किलोमीटर की दूरी तय की। वापसी में विमान ने करीब 14,000 किलोमीटर की दूरी साढ़े 15 घंटे में तय की। हवाओं के रुख के कारण वापसी की उड़ान में ज्यादा समय लगा। एयर इंडिया में 20 साल से अधिक समय से विमान उड़ा रही कैप्टन क्षमता ने कहा, 'जब हम दिल्ली हवाई अड्डïे पर उतरे तो हमारे मन में उपलब्धि हासिल करने की सुखद अनुभूति थी। हमने पहले भी कई बार लंबे समय की उड़ान भरी थी लेकिन इस बार हमने रूढि़वादिता को तोड़ा है और शायद कई बच्चों को सपने दिए हैं।' 

विमान की मुख्य परिचारिका निशिन बंदूकवाला ने कहा, 'विमान में 250 यात्री सवार थे और सभी इस बात को लेकर उत्साहित थे कि वे एक ऐतिहासिक घटना का हिस्सा बन रहे हैं। जैसे ही कैप्टन ने इसकी घोषणा की, सब यात्रियों ने जोरदार ताली बजाई।' एयर इंडिया ने सबसे पहले 1956 में महिला पायलट को शामिल किया था। कैप्टन दुरबा बनर्जी इंडियन एयरलाइंस की पहली महिला पायलट थीं। 1990 में कैप्टन निवेदिता भसीन को नागरिक उड्डïयन के इतिहास में सबसे युवा पायलट बनने का गौरव प्राप्त हुआ था। तब उन्होंने 26 साल की उम्र में जेट विमान उड़ाया था।

कैप्टन भसीन कहती हैं, 'जब मैं एयर इंडिया में शामिल हुई थी तो यह निश्चित रूप से मुश्किल काम था। उस समय में तीसरी महिला पायलट थी। तब ऐसी हालत थी कि हमारे लिए अलग शौचालय भी नहीं था। मुझे लगता है कि इस तरह की उपलब्धियों से ज्यादा महिलाएं विमानन क्षेत्र की तरफ आकर्षित होंगी।'

महिला पायलटों का कहना है कि लैंगिक आधार पर उन्होंने किसी तरह के भेदभाव का सामना नहीं किया है लेकिन सबसे बड़ी बाधा सहयोगी पुरुष पायलट को अपनी क्षमता का कायल बनाना है। कैप्टन नरूला 1980 में अपने शुरुआती करियर को याद करते हुए कहती हैं, 'तब मेरी उम्र 20 के आसपास थी जबकि सभी पुरुष पायलटों की उम्र 40 पार थी। वे मेरी क्षमताओं को लेकर आशंकित रहते थे। लेकिन कुछ उड़ानों के बाद सबकुछ सामान्य हो गया।' लेकिन महिला पायलटों के हौंसले वाले प्रसंगों के बीच पारिवारिक दबाव और पुराने कायदे कानूनों के कारण विमानन क्षेत्र में महिलाओं के लिए अपनी राह बनाना मुश्किल है।

एयर इंडिया के नियमों के मुताबिक मां बनने के बाद महिलाओं के पास ग्राउंड ड्यूटी करने के अलावा कोई चारा नहीं है। वे मां बनने के तुरंत बाद उड़ान नहीं भर सकती हैं। एयर इंडिया के मुताबिक किसी महिला पायलट या केबिन क्रू के मां बनने की पुष्टिï होते ही उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर मातृत्व अवधि के दौरान उड़ान भरने की अनुमति नहीं होती है। एक महिला पायलट ने कहा, '135 दिन का मातृत्व अवकाश जरूरत से बहुत कम है। एक महिला पायलट गर्भावस्था के दौरान उड़ान नहीं भरती है और मां बनने के बाद भी वह तुरंत उड़ान नहीं भर सकती है। मुझे 18 महीने बिना वेतन के छुट्टी लेनी पड़ी थी। ऐसी महिलाओं का क्या होगा जिनको कोई सपोर्ट करने वाला नहीं है।'

मातृत्व से महिला पायलट का करियर भी प्रभावित होता है। अगर किसी महिला को कमांडर ट्रेनिंग कोर्स के लिए बुलाया जाता है और अगर गर्भवती होने के कारण वह इसमें हिस्सा नहीं ले पाती हैं तो अगली बारी के लिए उन्हें बहुत इंतजार करना पड़ता है। अगर कोई महिला एक साल की छुट्टी भी लेती है तो उड़ान का उसका अनुभव प्रभावित होगा। उन्होंने कहा, 'ऐसी स्थिति में हम उड़ान के घंटे के मामले में अपने पुरुष और महिला साथियों से पिछड़ जाते हैं।'

महिला पायलटों का कहना है कि ज्यादा काम और अपनों से दूर रहना एक भावनात्मक तनाव है। कैप्टन भसीन ने कहा, 'परिवार से दूर रहना सचमुच मुश्किल है। मेरी मनोस्थिति को एक पायलट के अलावा कोई दूसरा नहीं समझ सकता।' बाधाओं के बावजूद महिला पायलटों का कहना है कि उन्हें इस पेशे को चुनने का कोई मलाल नहीं है। एयर इंडिया मं विमान सुरक्षा की प्रमुख और भारतीय महिला पायलट संघ की अध्यक्ष हरप्रीत सिंह ने कहा, 'ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इस पेशे में आ रही हैं जिससे माहौल भी उनके लिए अनुकूल बन गया है।' कैप्टन तृषा की अगली उड़ान का समय हो गया है। विमान की तरफ बढ़ते हुए उन्होंने कहा, 'विमान उड़ाना मेरा पहला प्यार है।'

पुरुषों की कमाई महिलाओं से अधिक
 
भारत में स्त्री-पुरुष के बीच वेतन अंतर काफी अधिक है। दोनों की औसत कमाई में 67 प्रतिशत का अंतर है। जहां पुरुषों की औसत कमाई 167 डॉलर है वहीं महिलाएं 100 डॉलर कमाती हैं।  एक्सेंचर रिसर्च के अनुसार इसका कारण पुरुषों का महिलाओं के मुकाबले ज्यादा संख्या में उच्च वेतन वाले पदों पर काबिज होना है। साथ ही शैक्षणिक स्तर, उद्योग और कार्य घंटे जैसे कारणों से भी वेतन में अंतर है।एक्सेंचर इंडिया की चेयरमैन और वरिष्ठ प्रबंध निदेशक रेखा मेनन ने कहा, 'शिक्षा में सुधार और काम के अवसर बढऩे जैसे हाल की सफलता के बावजूद सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे प्राय: महिलाओं को करियर के महत्त्वपूर्ण चरणों में पीछे हटने को मजबूर करते हैं। इससे अंतर बढ़ता है।' एक्सेंचर की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर महिलाएं औसतन 100 डॉलर कमाती हैं जबकि पुरुषों के मामले में यह 140 डॉलर है।
 
महिला उद्यमियों के लिए बनेगी अलग नीति
 
महाराष्ट्र सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए जल्द ही एक विशेष औद्योगिक नीति लाएगी। उद्योग विभाग के सूत्रों ने बुधवार को कहा कि इसका मसौदा तैयार किया जा चुका। इस पर सभी सरकारी विभागों को उनकी टिप्पणी के लिए वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नीतियों में व्यवसाय को स्थापित करने के लिए वित्तीय संस्थानों से रियायती ब्याज दर तथा सरकारी ठेकों और निविदा प्रक्रिया में महिला उद्यमियों के लिए आरक्षण जैसे कुछ प्रावधान शामिल होंगे।
 
महिलाएं शुरू करें एयरलाइन
 
क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के तहत महिला उद्यमियों को एक एयरलाइन शुरू करने के 'एकल खिड़की मंजूरी' और अन्य सभी सुविधाएं दी जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गैर सरकारी संगठन वीमेन इन एविएशन इंटरनैशनल के एक कार्यक्रम में वीडियो संदेश के माध्यम से नागर विमानन सचिव आर एन चौबे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना एक बिल्कुल नई एयरलाइन की स्थापना के लिए अच्छा अवसर है और इसके लिए महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। हम उन्हें एकल खिड़की मंजूरी की सुविधा देंगे। चौबे ने कहा कि महिला उद्यमियों को एयरलाइन कंपनी शुरू करनी चाहिए।
Keyword: एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयर इंडिया, उड़ान, विमानन, हवाई अड्डा, ऐतिहासिक यात्रा, नॉन स्टॉप उड़ान,
Advertisements
  Impact of Network performance on loyalty of smartphone users
   Impact of connected mobile devices on consumer video needs
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
E-DINAR: The startup of the year 2016. Click to know more
E-DINAR - a new generation of P2P exchange
  आपका मत
 क्या सामान्य से कम मॉनसून से कृषि उपज पर पड़ेगा असर?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.