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मुस्लिम युवा मानते रोजगार और विकास ही सबसे बड़ा मुद्दा
राधिका रामशेषन /  03 07, 2017

उप्र चुनाव के मद्देनजर मुस्लिम युवाओं का नजरिया

उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय परिसरों में मुस्लिम युवाओं के लिए आर्थिक विकास और रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। मगर इसमें आजमगढ़ का शिबली नैशनल कॉलेज एक अपवाद है। इस कॉलेज के छात्रों को फिलहाल आर्थिक विकास और रोजगार दूर की कौड़ी लगते हैं लेकिन इलाहाबाद के मुस्लिम बोर्डिंग हाउस के छात्रों के मुताबिक इसे हासिल किया जा सकता है।

एक दूसरे से 166 किलोमीटर दूर स्थित इन दो कॉलेजों के छात्रों की समझ का यह अंतर उनके आसपास के माहौल और अनुभवों के कारण पैदा हुआ है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम बोर्डिंग हाउस यानी मुस्लिम छात्रावास में रहने वाले अधिकांश छात्र निजी क्षेत्र के बजाय सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी में लगे अर्थशास्त्र के छात्र मोहम्मद नुमान ने कहा, 'सभी की तरह हम भी चुनाव से पहले जमकर बहस करते हैं लेकिन हम भाजपा की विघटनकारी बयानबाजी से चिंतित नहीं हैं।'

हालांकि साम्प्रदायिक अतीत के ऐसे अवशेष समय के साथ समाप्त हो गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में बी टेक कर रहे फैजान ने कहा, 'हमारी पहली और आखिरी प्राथमिकता रोजगार है। मेरा वोट उसी पार्टी को जाएगा जो रोजगार का वादा करेगी। मेरे लिए इस बात का कोई मतलब नहीं है कि उस पार्टी की विचारधारा क्या है।' फैजान और रसायन विज्ञान में मास्टर्स कर रहे मऊ के मुख्तार आमिर इस बात पर जोर देते हैं कि अब मुसलमानों के लिए भाजपा को अलग चश्मे से देखने का समय आ गया है।

आमिर ने कहा, 'वर्षों तक मुसलमानों से कहा गया कि ऐेसे उम्मीदवार को वोट दीजिए जो भाजपा को हरा सके। हमें लगता है कि यह मानसिकता खत्म होनी चाहिए। हम भाजपा को नए नजरिये से देखने के लिए तैयार हैं। लेकिन जब भी हम इसके लिए तैयार होते हैं तो कोई ऐसा बयान आ जाता है जो हमें भाजपा से दूर कर देता है।' उनका इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फतेहपुर में दिए गए भाषण की तरफ है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कब्रिस्तान के लिए जमीन दी जाती है तो श्मशान के लिए भी जमीन मिलनी चाहिए।

रविवार का दिन था और शिबली परिसर में आरामतलबी का माहौल लग रहा था। आलीशान परिसर में एक शादी का आयोजन किया गया था और साथ ही एक क्रिकेट टूर्नामेंट भी चल रहा था जिसमें आलोक सिंह जैसे स्थानीय लोग खिलाडिय़ों का उत्साहवद्र्घन कर रहे थे। लेकिन बटला हाउस मुठभेड़ के बाद आजमगढ़ पर लगा नकारात्मक ठप्पा अब चस्पा है। वर्ष 2008 में दिल्ली पुलिस और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे आजमगढ़ के छात्रों के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस को संदेह था कि ये छात्र इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े थे और कुछ ही दिन पहले दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में शामिल थे।

शिक्षा या निजी क्षेत्र में करियर बनाने की चाहत रखने वाले बीएससी (गणित) अंतिम वर्ष के छात्र राहत शफीक ने कहा, 'मुझे भविष्य नाउम्मीद लगता है। मेरे सीनियरों को नौकरी नहीं मिली क्योंकि जब भी वे अपने बायोडाटा में आजमगढ़ का जिक्र करते हैं तो फिर नियोक्ता बहानेबाजी करने लगते हैं। उनमें से अधिकांश ने परिजनों और दोस्तों से पैसे उधार लेकर वेल्डिंग और जूस की दुकानें खोल रखी हैं। मुझे लगता है कि मैं भी वही करूंगा।'

बीबीए में अंतिम वर्ष के छात्र अदनान तारिक भी भविष्य को लेकर बहुत आशावान नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'नौकरी पाने के लिए मुझे आजमगढ़ से बाहर जाना पड़ेगा। दिल्ली और मुंबई गए मेरे सीनियरों को रहने की जगह नहीं मिली क्योंकि उनका संबंध आजमगढ़ से था। जैसे ही वे आजमगढ़ का नाम लेते हैं तो लोग पूछते हैं कि आपके पास बम है या फिर एके 47?' अबू सलेम जैसे लोगों के कारण आजमगढ़ बदनाम हुआ है तो कई ऐसे लोग भी हैं जो विदेशों में इस शहर का नाम चमका रहे हैं। उद्यमी, निवेशक और परोपकारी फ्रैंक एफ इस्लाम भी उनमें से एक हैं। वह वॉशिंगटन में एफआई इनवेस्टमेंट ग्रुप के प्रमुख हैं और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें जॉन एफ कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉमिंग आर्ट्स के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी में नियुक्त किया था। एमए अंतिम वर्ष के छात्र मोहम्मद दाउद ने कहा, 'वह मेरे आदर्श हैं।'

आजमगढ़ के दूसरे पोस्टर बॉय वकार आजमी हैं जो लंदन में वॉटरहाउस कंसल्टिंग ग्रुप और यूरोपियन यूनियन ऐंबेसडर ऑफ इंटरकल्चरल डायलॉग के चेयरमैन हैं। शिबली के छात्र अगर किसी एक नेता से असहज महसूस करते हैं तो वह हैं बसपा सुप्रीमो मायावती। इतिहास में स्नातक कर रहे अजीज खान ने कहा कि जब बटला मुठभेड़ हुई थी तो मायावती मुख्यमंत्री थीं। खान ने कहा, 'उन्होंने हमारे जिले में पुलिस राज लागू किया था। पुलिस ने कई लड़कों को गिरफ्तार किया और महीनों तक हिरासत में रखा लेकिन एक बार भी उन्होंने अपनी इस हरकत पर खेद नहीं जताया।'

Keyword: UP, Muslim, Youth, employment,
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