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बाजार के भगवा रंग को हार न कर दे बदरंग
पुनीत वाधवा / नई दिल्ली 03 05, 2017

बाजार को भी चुनाव परिणाम का इंतजार

► यूपी में भाजपा की जीत पर चढ़ सकता है बाजार
नतीजे प्रतिकूल रहे तो 8 से 10 फीसदी की आ सकती है गिरावट

दिसंबर के निचले स्तर से बीएसई सेंसेक्स करीब 3,000 अंक या 12 फीसदी तक चढ़ चुका है और इसमें उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, लेकिन बाजार की नजर विधानसभा चुनावों के नतीजों पर भी है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर विधानसभा चुनावों के नतीजे 11 मार्च को आएंगे, जो केंद्र सरकार के लिए सकारात्मक हो सकते हैं या नतीजे प्रतिकूल रहे तो परेशानी की वजह भी बन सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा चुनावों के नतीजों की व्याख्या नोटबंदी अभियान के जनमत संग्रह के तौर पर की जा सकती है।

विशेषज्ञों ने कहा कि चुनावी नतीजे आने तक बाजार में एक दायरे में उतार-चढ़ाव बना रहा सकता है। हालांकि अधिकतर लोगों का मानना है कि नतीजे सरकार के अनुकूल रहे तब बाजार में तेजी आ सकती है, वहीं नकारात्मक खबर से बाजार में 8 से 10 फीसदी की गिरावट भी आ सकती है। डाल्टन कैपिटल एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक यू आर भट्ट ने कहा, 'चुनावों में अगर शानदार बहुमत आता है तो बाजार सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच सकता है। हालांकि मेरा मानना है कि ज्यादातर सकारात्मक खबरों का असर बाजार में दिख चुका है।'

कुछ विश्लेषकों ने चिंता जताई कि मौजूदा मूल्यांकन पर बाजार महंगा होता जा रहा है। सेंसेक्स अभी पीई के करीब 22 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो कंपनियों की आय से अधिक है। डॉचये बैंक ग्रुप में भारत शोध प्रमुख अभय लैजावाला ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है, 'आय अनुमान में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है और आय में गिरावट के भी संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में तरलता आधारित मूल्यांकन में वृद्घि बरकरार रहने की संभावना नहीं दिख रही है।'

भट्ट ने कहा, 'बाजार का मूल्यांकन अधिक रहने से नकारात्मक खबरों का ज्यादा असर पड़ेगा और चुनावी नतीजों के 14 मार्च को बाजार खुलने पर निफ्टी 50 सूचकांक 150 से 200 अंक गिर सकता है और कुछ दिनों के अंदर इसमें 8 से 10 फीसदी की गिरावट आ सकती है।'  एडलवाइस सिक्योरिटीज के संस्थागत इक्विटी प्रमुख निश्चल माहेश्वरी ने कहा, 'बाजार घरेलू की तुलना में वैश्विक घटनाक्रम पर कहीं ज्यादा प्रतिक्रिया देता है। हालांकि नतीजे प्रतिकूल रहे तो बाजार को झटका लग सकता है लेकिन तेज गिरावट की आशंका नहीं है।'

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के नतीजों से निफ्टी में 150 से 300 अंक की तेजी या गिरावट आ सकती है। हालांकि माहेश्वरी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में नतीजे आते हैं तो निफ्टी में 200 से 300 अंक की तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन खराब रहा तो बाजार के अलावा सरकार के सुधार कार्यक्रमों पर भी नकारात्मक असर हो सकता है।

बीएनपी पारिबा में एशिया पैसिफिक इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट मनीषी रायचौधरी ने कहा, 'भाजपा का प्रदर्शन ठीक नहीं रहने पर सुधार कार्यक्रमों और वित्तीय मजबूती के जारी रहने पर सवालिया निशान लग सकता है।'राजनीतिक गलियारों में उत्तर प्रदेश चुनाव को 2019 के आम चुनाव से पहले मोदी सरकार पर एक बड़े जनमत सर्वेक्षण के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल तो राज्य चुनाव में सपा-कांग्रेस, बसपा और भाजपा के बीच कड़ा त्रिकोषीय मुकाबला दिख रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश चुनाव में भाजपा की जीत से राज्य सभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) मजबूत हो सकता है। इसके साथ ही इस साल के राष्ट्रपति चुनाव पर भी इसका असर दिख सकता है। भट्ट कहते हैं, 'जहां तक केंद्र में नीतिगत तैयारी का प्रश्न है, बाजार की नजर इस बात पर होगी कि राजग के पास राज्य सभा में कितने सांसद हैं।' नोमुरा में इंडिया इकोनॉमिस्ट सोनल वर्मा कहती हैं, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उत्तर प्रदेश चुनाव एक कड़ी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि परिणाम जो भी आए, हमें उम्मीद है कि सरकार की नीतियां असरदार बनी रहेंगी। विधानसभा चुनावों के नतीजे भाजपा के लिए अनुकूल रहे तो राज्य सभा में इसकी सीटें बढ़ सकती हैं। हालांकि इस सरकार के कार्यकल में आंकड़ा ऊपरी सदन में बहुमत से कम ही रहेगा।'

कैलेंडर वर्ष 2016 मोदी सरकार को असम चुनाव में जीत मिली, लेकिन पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में पार्टी बहुत आगे नहीं बढ़ पाई। हालांकि इन दोनों राज्यों में भाजपा की उपस्थिति कमजोर ही रही है। आईआईएफएल के अमर अंबानी (हेड ऑफ रिसर्च) कहते हैं, 'स्थानीय मुद्दों के अलावा नोटबंदी का प्रभाव भी एक प्रमुख पहलू होगा। इसमें कोई शक नहीं कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के नतीजे 2019 के आम चुनाव की दिशा तय करेंगे।' वैसे नोटबंदी के असर की चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र के स्थानीय चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा है।

Keyword: बीएसई, सेंसेक्स, विधानसभा चुनाव, परिणाम, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड, मणिपुर, नोटबंदी,
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