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1 अप्रैल से स्टेट बैंकों का विलय
एजेंसियां / नई दिल्ली 02 23, 2017

एसबीआई में विलय को गति

विलय के बाद स्टॉक एक्सचेंजों से गैर-सूचीबद्ध होंगे सहायक बैंक
शेयरों की अदला-बदली या किसी तरह की रकम का नहीं होगा हस्तांतरण
अधिकारियों के वेतन और भत्तों पर नहीं पड़ेगा कोई असर

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पांच सहयोगी बैंकों का अपने मातृ बैंक में विलय 1 अप्रैल से होगा। यह देश के बैंकिंग इतिहास में सबसे बड़ी एकीकरण की प्रक्रिया है। एसबीआई ने शेयर बाजारों  को भेजी सूचना में कहा कि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर ऐंड जयपुर (एसबीबीजे), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम), स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (एसबीटी), स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (एसबीपी) तथा स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (एसबीएच) की संपत्तियां 1 एक अप्रैल, 2017 से एसबीआई को स्थानांतरित हो जाएंगी। 

पांचों सहायक बैंकों एसबीबीजे, एसबीएम और एसबीटी सूचीबद्ध हैं। एसबीआई के निदेशकमंडल ने पूर्व में जिस विलय योजना को मंजूरी दी थी उसके अनुसार एसबीबीजे शेयरधारकों को प्रत्येक 10 शेयरों (10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से) के लिए एसबीआई के 28 शेयर (1 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से)मिलेंगे। इसी तरह, एसबीएम और एसबीटी शेयरधारकों को प्रत्येक 10 शेयरों के बदले 28 शेयर मिलेंगे।

विलय के बाद सूचीबद्ध सहायक बैंक स्टॉक एक्सचेंजों से गैर-सूचीबद्ध किए जाएंगे। एसबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ हैराबाद के अधिग्रहण के लिए अलग से योजनाओं पर मुहर लगाई है। विलय के लिए शेयरों की अदला-बदली या किसी तरह की रकम का हस्तांतरण नहीं होगा, क्योंकि ये सहायक बैंक पूर्ण रूप से एसबीआई के अधीन हैं। 

विलय की योजना के अनुसार पांचों सहायक बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन और भत्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और पहले उन्हें जितनी रकम मिल रही थी, उतनी ही मिलेगी। एसबीआई ने सबसे पहले स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का 2008 में अपने साथ विलय किया था। दो साल बाद इसके साथ भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का भी विलय हो गया। विलय प्रभावी होन के बाद सहायक बैंकों के ग्राहकों को एसबीआई के वैश्विक तंत्र का लाभ मिल पाएगा। विलय के बाद बड़े आकार के ऋणों का भी निगरानी और नकदी प्रवाह पर नियंत्रण के जरिये बेहतर प्रबंधन हो पाएगा। 

इन पांच सहयोगी बैंकों के विलय के साथ एसबीआई संभवत: संपत्ति के आधार पर दुनिया के बड़े बैंकों में शामिल हो जाएगा। उसकी परिसंपत्तियां बढ़कर 37 लाख करोड़ रुपये (555 अरब डॉलर) हो जाएगी। विलय के बाद बैंक शाखाओं और एटीएम की संख्या बढ़कर क्रमश: 22,500 और 58,000 हो जाएगी। बैंक के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ पर पहुंच जाएगी।  इन बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी (निदेशक मंडल के सदस्यों तथा सहायक बैंकों के कार्यकारी न्यासी को छोड़कर) एसबीआई के कर्मचारी हो जाएंगे। इससे पहले निजी क्षेत्र में एक बड़े बैंक अधिग्रहण के तहत कोटक महिंद्रा बैंक ने 2015 निजी बैंक आईएनजी वैश्व बैंक  का 15,000 करोड़ रुपये में अधिग्रहण कर लिया था। इस अधिग्रहण को बैंकिंग क्षेत्र का सबसे बड़ा अधिग्रहण बताया गया। 
Keyword: SBI, bank, merge,,
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