Search BS HindiWeb         Follow us on 
Business Standard
Monday, May 01, 2017 11:45 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम अर्थव्यवस्था खबर

वस्तु एवं सेवा कर की राह में कुछ अहम मसलों के रोड़े
दिलाशा सेठ / नई दिल्ली February 22, 2017

मार्च के दूसरे सप्ताह में शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित किए जाने को लेकर क्षेत्रीय जल क्षेत्र की परिभाषा और एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरण पर प्रशासन दो अहम मसले हैं, जिन पर अभी फैसला होना है। मुआवजा कानून के मसले का समाधान पिछले सप्ताह जीएसटी परिषद ने कर दिया है। आगामी 4 व 5 मार्च को केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी, और एकीकृत आईजीएसटी पर चर्चा होनी है। इन मसलों के समाधान के बाद 1 जुलाई से एकीकृत अप्रत्यक्ष कानून लागू करने की राह साफ हो जाएगी।
 
परिषद ने इस मसले पर कानून समिति की भी राय मांगी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, 'सभी जीएसटी कानूनों का पुनरीक्षण किया जाना है। कुछ विषयों को लेकर चिंता है। संवैधानिक विवादों के मसले पर सावधानीपूर्वक बात करनी होगी।' क्षेत्रीय जल के मसले पर केंद्र सरकार ने राज्यों को 12 समुद्री मील के भीतर कर संग्रह और आर्थिक गतिविधियां चलाने पर सहमति जताई है, लेकिन वह इन क्षेत्रों को संबंधित राज्यों का इलाका मानने पर सहमत नहीं है। बहरहाल राज्योंं की मांग है कि क्षेत्रीय जल को उनके इलाके के रूप में माना जाए और उन्हें कर लगाने व वसूलने का अधिकार दिया जाए। राज्यों का तर्क है कि उच्च न्यायालय ने इस मामले में उनके पक्ष में फैसला किया है और यह मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है। एक राज्य के अधिकारी ने कहा, 'परिषद के चेयरमैन अरुण जेटली ने इस मसले की जांच का काम कानून समिति को सौंपे जाने पर सहमति जताई है।' जीएसटी परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं, जिसके अध्यक्ष अरुण जेटली हैं। 
 
अन्य मसला जिसे कानून समिति को देखना है, एक राज्य से दूसरे  में वस्तुओं व सेवाओं के स्थानांतरण से जुड़ा है। राज्यों ने प्रस्तावित आईजीएसटी अधिनियम के तहत वस्तुओं या सेवाओं के आयात या निर्यात के मामले में निर्णय करने के का अधिकार दिए जाने की मांग की है। उदयपुर में हुई जीएसटी परिषद की पिछली बैठक में जीएसटी मुआवजा कानून को मंजूरी दी गई थी, जिसमें राज्य सरकारों को होने वाले नुकसान की 5 साल तक भरपाई की गारंटी दी गई है। 
Keyword: budget, GST,,
Advertisements
  Impact of Network performance on loyalty of smartphone users
   Impact of connected mobile devices on consumer video needs
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
E-DINAR: The startup of the year 2016. Click to know more
E-DINAR - a new generation of P2P exchange
  आपका मत
 क्या रेरा के लागू होने से मकान खरीदारों को मिलेगी राहत?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.