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ऋण जमाओं पर लग सकता है दंड
भाषा / नई दिल्ली February 22, 2017

आयकर विभाग 20,000 रुपये व इससे अधिक राशि की ऋण जमाओं के चुनिंदा मामलों में दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर सकता है। विभाग ने नोटबंदी की अवधि में विभिन्न खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमाओं के मामलों की पड़ताल शुरू की है। विभाग ने संदिग्ध जमाओं के मामले में 18 लाख लोगों को एसएमएस व ईमेल किए तथा जानकारी मांगी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) मंगलवार को उक्त लोगों द्वारा करवाई गई जमाओं के सत्यापन के बारे में विशिष्ट दिशा निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया है, 'अगर किसी मामले में अनुमतियोग्य सीमा से ऊपर की नकदी ऋण प्राप्ति या भुगतान मद में पाई जाती है तो आकलन अधिकारी सम्बद्ध प्रावधानों के तहत अलग से दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर सकता है।'
 
हालांकि एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस बारे में कार्रवाई का फैसला समुचित प्रक्रिया के बाद ही किया जाएगा जिसमें करदाता से संपर्क करना व उस लेनदेन विशेष के बारे में सारी जानकारी लेना शामिल है। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि 'कर चोरी का मौका नहीं मिले साथ ही करदाताओं को परेशान भी नहीं किया जाए।' हालांकि कृषि आय श्रेणी व कुछ अन्य मामलों में नकदी आधारित ऋण स्थानांतरण को लेकर छूट है। संबद्ध प्रावधानों का जिक्र करते हुए पूर्व आयकर आयुक्त सुदेश गर्ग ने कहा, 'इनका उद्देश्य फर्मों द्वारा किसी तरह के दुरुपयोग को रोकना है।'
 
बुजुर्गों की 5 लाख तक जमा का सत्यापन नहीं 
 
आयकर विभाग 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों द्वारा नोटबंदी के बाद उनके खातों में पांच लाख रुपये तक की जमा पर आगे कोई सत्यापन नहीं करेगा। हालांकि, अन्य लोगों के लिए यह सीमा 2.5 लाख रुपये रखी गई है। 
 
एजेंसियों से सूचना साझा करने पर पाबंदी हटी
 
कर विभाग ने अपने अधिकारियों द्वारा अन्य प्राधिकरण या एजेंसियों के साथ कर और विदेशी विनिमय के संदर्भ में सूचना साझा करने पर पाबंदी हटा दी है। कालेधन पर प्रभावी रूप से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है। 
 
850 से अधिक फर्मों को अभियोजन नोटिस
 
आयकर विभाग ने टीडीएस का पैसा सरकारी खजाने में जमा करवाने में देरी के मामले में कर्नाटक व गोवा की निजी और सरकारी फर्मों को 850 से अधिक अभियोजन नोटिस जारी किए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरोपी इकाइयों ने कर्मचारियों, पेशेवरों, ठेकेदारों व अन्य लोगों से स्रोत पर कर कटौती तो कर ली लेकिन यह पैसा सरकारी खजाने में जमा करवाने में देरी की। 
 
नकद लेन देन पर कर प्रस्ताव की समीक्षा हो
 
उद्योग मंडल एसोचैम का सुझाव है कि सरकार को दो लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर 'स्रोत पर कर संग्रह' के फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए।  एसोचैम के नए अध्यक्ष संदीप जजोडिया ने कहा कि कर चोरी रोकने के प्रयास करते समय 'इस बात का ध्यान रखना होगा कि ऊंचे मूल्य के उत्पाद और सेवाओं के कारोबार में में किसी प्रकार का डर अथवा कर-आतंकवाद की भावना पैदा नहीं हो।'
 
फिलहाल नहीं आ रहे हजार के नोट
 
सरकार ने आज स्पष्ट किया कि एक हजार रुपये का नोट लाने की उसकी कोई योजना नहीं है। इस समय उसका ध्यान निम्न मूल्यवर्ग के नोटों का उत्पादन बढ़ाने पर है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया है कि वह जरूरत से ज्यादा ध्यान नहीं निकालें। शक्तिकांत दास ने ट्वीट किया, '1,000 रुपये का नोट लाने की योजना नहीं है। 500 रुपये और निम्न मूल्यवर्ग के दूसरे नोटों के उत्पादन, आपूर्ति पर ध्यान दिया जा रहा है।'
Keyword: income tax, CBDT,,
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