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पैन कार्ड से जांचे आयकर का नोटिस
तिनेश भसीन /  February 19, 2017

अगर आपके पास स्थायी खाता संख्या (पैन) है तो इनकम टैक्स ई-फाइलिंग खाते में लॉग इन कर यह पता कर सकते हैं कि आपको आयकर नोटिस मिला है या नहीं। कभी-कभी बैंक की तरफ से गलती होने पर आपको आयकर विभाग की तरफ से नोटिस आ सकता है। यह तब भी हो सकता है जब आपने नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा नहीं किए हैं या कम संख्या में जमा किए हैं।
आयकर विभाग ने 9 नवंबर और 20 दिसंबर के बीच जमा पुराने नोटों की जांच के लिए 'ऑपरेशन क्लीन मनी' की शुरुआत की है। आंकड़ों के विश्लेषण के बाद अधिकारियों ने पाया है कि करीब 18 लाख मामलों में ऐसे लेन-देन हुए हैं, जो करदाताओं के प्रोफाइल से मेल नहीं खाते हैं। कर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े अभियान में गलितयां होती हैं, इसलिए सभी पैन धारकों को सावधान रहना चाहिए।
एक जानी-मानी कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट ने कहा कि हरियाणा के उनके एक ग्राहक को दो गलत नोटिस आ चुके हैं। विमुद्रीकरण के दौरान कारोबारी ने 11 लाख रुपये जमा किए थे लेकिन बैंक ने गलती से एक और शून्य लगा दिया था, जिससे उसके खाते में रकम 1.1 करोड़ रुपये दिखने लगी थी। हालांकि अगले दिन बैंक ने अपनी गलती दुरुस्त कर ली। इसके बाद भी उसे गलत नोटिस मिला क्योंकि बैंक ने अधिकारियों को गलत सूचनाएं दी थीं। इसी व्यक्ति के आय कर फाइलिंग में एक अज्ञात बैंक खाता दिख रहा है, जिसमें 48 लाख रुपये नकद जमा हैं। उन्हें बैंक से एक प्रमाणपत्र मिला है जिसमें उनके खाते की सही स्थिति बताई गई है। क्लीयरटैक्स डॉट कॉम की प्रीति खुराना कहती हैं कि उन्हें भी ऐसे मामले देखने को मिले हैं, जहां करदाता ई-फाइलिंग में दी गई सूचनाओं से सहमत नहीं हैं। टैक्समेन डॉट कॉम में उप महाप्रबंधक (शोध एवं विकास) नवीन वाधवा कहते हैं, 'अनावश्यक झंझट से बचने के लिए सभी पैन धारकों को ई-फाइलिंग अकाउंट चेक करना चाहिए।' आयकर विभाग ऑपरेशन क्लीन मनी के तहत केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप से सृजित सूचनाएं ही भेज रहा है। वाधवा का कहना है कि कई मामलो में चार्टर्ड अकाउंटेंट करदाताओं का ई-फाइलिंग अकाउंट चलाते हैं। ऐसे लोगों को चार्टर्ड अकाउंटेंट पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं ही नोटिस की जांच करनी चाहिए। पीडब्ल्यूसी में पार्टनर एवं लीडर (पर्सनल टैक्स) कुलदीप कुमार कहते हैं, 'ईमानदार करदाताओं को गलत नोटिस मिलने पर चिंतित नहीं होना चाहिए। उन्हें केवल इसका समय पर जवाब देना चाहिए और अधिकारियों को बताना चाहिए कि खाता उनका नहीं है।' अगर कोई करदाता 10 दिनों के अंतर नोटिस नहीं देता है तो आयकर अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर सकते हैं। जिन लोगों ने कभी भी आयकर दाखिल नहीं किया है उनके मामले में कर अधिकारी 'बेस्ट जजमेंट असेसटमेंट' का इस्तेमाल कर सकते हैं और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत उन पर जुर्माना लगा सकते हैं। अगर कोई करदाता कर दाखिल तो करता है, लेकिन सूचनाएं उसकी आय से मेल नहीं खाती हैं तो कर अधिकारी उसकी आय के आंकड़े खंगाल सकते हैं।
खुराना कहते हैं, 'जिन लोगों की आय 5 लाख रुपये से नीचे है और आयकर दाखिल नहीं किया है, लेकिन 2.5 लाख रुपये से अधिक रकम जमा कराई है तो ऐसे व्यक्तियों को सभी सही सूचनाएं देनी चाहिए और रिटर्न फाइल करना चाहिए।' नोटिस का पता लगाने के लिए ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं और 'कंप्लायंस' टैब पर जाकर 'कैश ट्रांजेक्शन 2016' सलेक्ट करें।

Keyword: PAN, income tax, filing,
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