Search BS HindiWeb         Follow us on 
Business Standard
Thursday, April 27, 2017 03:07 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विशेष खबर

सुखद संकेत
संपादकीय /  February 13, 2017

नोटबंदी वाली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2016-17) के कारोबारी नतीजों ने सुखद आश्चर्य पैदा किया है। वैश्विक जिंस चक्र में बदलाव, बेहतर कृषि प्रदर्शन और कम ब्याज दरों की बदौलत देश का कारोबारी जगत नोटबंदी के असर से कुछ हद तक बचने में कामयाब रहा। वर्ष 2015-16 की तीसरी तिमाही भी कमजोर थी। उससे भी मजबूत आधार मिला। अब तक घोषित 1,660 सूचीबद्घ कंपनियों के नतीजों से पता चलता है कि सालाना आधार पर शुद्घ लाभ 27.7 फीसदी बढ़ा है। यह बीते दो वर्ष की सबसे तेज वृद्घि दर है। राजस्व की बात करें तो अन्य आय समेत वह 9 फीसदी बढ़ा। यह भी दो साल का बेहतरीन आंकड़ा है। 
 
इसमें बड़ा योगदान धातु क्षेत्र का है। वैश्विक चक्र और संरक्षणवाद ने इसकी मदद की। ऊर्जा कीमतों की बात करें तो वे भी ठीक रहीं। उत्पादकों और रिफाइनरियों दोनों को बढिय़ा मुनाफा हासिल हुआ। चीनी तथा अन्य कृषि जिंसों में भी तेजी आई। कम प्रोविजनिंग और ट्रेजरी संबंधी लाभ से बैंकों का मुनाफा सुधरा। वहीं दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी, दवा और दैनिक उपयोग की उपभोक्ता वस्तुओं का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा। आईटी और दवा क्षेत्र को जहां अमेरिकी संरक्षणवाद ने प्रभावित किया वहीं चक्रीय मंदी और नियामकीय चिंताओं ने भी उस पर असर डाला। एफएमसीजी को कम घरेलू खपत ने परेशान किया। विनिर्माण और अचल संपत्ति कारोबार को भी नुकसान का सामना करना पड़ा। वाहन और वाहन कलपुर्जा कारोबार के नतीजे भी असमान रहे। 
 
कुछ बेहतर प्रदर्शन वाले क्षेत्र शायद इसे आगे जारी न रख सकें। चीनी मौसमी जिंस है और अब वर्ष 2017-18 की अगली छमाही तक उससे मदद नहीं मिलेगी। कृषि-रसायन और कीटनाशकों की बात करें तो उनकी बिक्री 15 फीसदी और शुद्घ लाभ 52 फीसदी बढ़ा। अगली छमाही तक उनकी भी मदद नहीं मिलेगी। सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट पर दबाव बरकरार है। बैंकों को नवंबर-दिसंबर में भारी जमा से लाभ हुआ। ट्रेजरी प्रतिफल में भी तबसे सुधार ही है क्योंकि रिजर्व बैंक ने पिछली दो नीतियों में दरों में कटौती नहीं की। इतना ही नहीं सरकारी बैंकों के फंसे हुए कर्ज की प्रोविजनिंग में भी उल्लिखित तिमाही में कमी आई। कई मामलों में गैर निष्पादित परिसंपत्तियां और दबाववाली संपत्तियों का अनुपात खराब हुआ है। तब भी जबकि सरकारी बैंकों ने बढिय़ा मुनाफा दर्शाया। ऊर्जा के क्षेत्र में सरकारी कंपनियों जबरदस्त मुनाफा कमाया है। कच्चे तेल और गैस का उत्पादन करने वाली कंपनियों को भी भारी लाभ हुआ। इस क्षेत्र में आधार प्रभाव कम रहा। चौथी तिमाही में उसका असर नहीं दिखेगा। धातु क्षेत्र खासतौर पर इस्पात क्षेत्र के घाटे में नाटकीय रूप से कमी आई। परंतु यूरोप की समस्याओं को देखते हुए कहा जा सकता है कि टाटा स्टील को अपना मुनाफा सुधारने में मशक्कत करनी होगी। 
 
भारतीय इस्पात प्राधिकरण अभी भी घाटे से जूझ रहा है। वाहन क्षेत्र के प्रदर्शन को मारुति की बदौलत मदद मिली है और ट्रैक्टर क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों का प्रतिफल भी अच्छा रहा है। लेकिन दोपहिया वाहन और वाणिज्यिक वाहन बनाने वाली कंपनियों के मुनाफे में कमी आई। यह विवेकाधीन खर्च को सहज बनाए जाने का असर हो सकता है। विनिर्माण और अचल संपत्ति क्षेत्र डांवाडोल बना हुआ है। पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में बीएचईएल के प्रदर्शन में सुधार शुभ संकेत है। परंतु बिजली उत्पादन में मंदी ही रही। कुलमिलाकर ये परिणाम सुखद आर्थिक मजबूती का संकेत देते हैं। बहरहाल, नोटबंदी के कुछ स्पष्टï नकारात्मक संकेत नजर आए। शायद अग्रिम खपत का प्रभाव भी रहा हो। क्योंकि लोग पुरानी नकदी का इस्तेमाल कर रहे थे। अगर इन चक्रीय लाभों को अधिक स्थायी और दीर्घावधि की वृद्घि में तब्दील करना है तो नोटबंदी के असर से तेजी से निजात पानी होगी। फंसे हुए कर्ज की विकराल होती समस्या से भी निपटना होगा। 
Keyword: नोटबंदी, कारोबारी जगत, तीसरी तिमाही,
Advertisements
  Impact of Network performance on loyalty of smartphone users
   Impact of connected mobile devices on consumer video needs
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
E-DINAR: The startup of the year 2016. Click to know more
E-DINAR - a new generation of P2P exchange
  आपका मत
 क्या आने वाले दिनों में भी ऐसी ही मजबूत रहेगी सेंसेक्स की चाल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.