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एसबीआई का लाभ 134 फीसदी बढ़ा
अभिजित लेले / मुंबई February 10, 2017

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक का शुद्ध लाभ दिसंबर तिमाही में 134 फीसदी की उछाल के साथ 2,610 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मुनाफे में हुई बढ़ोतरी में प्रतिभूतियों की बिक्री और जीवन बीमा सहायक की हिस्सेदारी बिक्री से मिली रकम का खासा योगदान रहा। पिछले साल की समान अवधि में इसका मुनाफा 1,115 करोड़ रुपये रहा था। एसबीआई का शेयर आज बीएसई पर 276 रुपये पर स्थिर बंद हुआ।
 
बैंंक की शुद्ध ब्याज आय तिमाही के दौरान 7.6 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,751 करोड़ रुपये रही। इसका शुद्ध ब्याज मार्जिन (देसी) 19 आधार अंक घटकर 3.03 फीसदी रहा, जो दिसंबर 2015 में 3.22 फीसदी रहा था। क्रमिक तौर पर भी शुद्ध ब्याज आय 3.05 फीसदी के मुकाबले कम रही। उधारी में कम बढ़त और उधारी दर में नरमी से मार्जिन प्रभावित हुआ। एसबीआई की चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा कि शुद्ध ब्याज मार्जिन मार्च तिमाही में 5-6 आधार अंक घट सकता है। बैंक की अन्य आय 58.73 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 9,662 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पहले 6,087 करोड़ रुपये रही थी। निवेश बिक्री से मुनाफा 221 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 3,969 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पहले 1,235 करोड़ रुपये रहा था। गैर ब्याज आय में एसबीआई लाइफ की 3.90 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री से मिली 1,755 करोड़ रुपये की रकम शामिल है।
 
एनपीए के लिए प्रावधान तीसरी तिमाही में घटकर 7,244 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 7644 करोड़ रुपये रहा था। क्रमिक तौर पर भी एनपीए का प्रावधान घटा। दूसरी तिमाही में एनपीए के लिए 7,669 करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ था। प्रॉविजन कवरेज अनुपात क्रमिक तौर पर सुधरा। दिसंबर में इसका सकल एनपीए 1,08,172 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर तिमाही में 1,05,782 करोड़ रुपये रहा था। एनपीए पर टिप्पणी करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि दबाव तभी कम होगा जब मांग जोर पकड़ेगी।
 
नोटबंदी के बाद कम लागत वाली जमाओं का हिस्सा बढ़कर 46.55 फीसदी पर पहुंच गया, जो सितंबर तिमाही में 42.74 फीसदी रहा था। एक साल पहले की समान अवधि में कम लागत वाली जमाएं 42.70 फीसदी रही थी। दिसंबर में इसकी जमाएं 22.1 फीसदी बढ़कर 20,40,778 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पहले 16,71,416 करोड़ रुपये रही थी। दिसंबर में इसकी जमाएं 22.1 फीसदी बढ़कर 20,40,778 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पहले 16,71,416 करोड़ रुपये रही थी। सकल उधारी में 4.81 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 14,97,164 करोड़ रुपये रही, जो दिसंबर 2015 में 14,28,295 करोड़ रुपये रही थी। मौजूदा वित्त वर्ष में बैंक की उधारी में 6.5 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना है। इसका पूंजी पर्याप्तता अनुपात दिसंबर में 13.73 फीसदी रहा जबकि टियर-1 10.65 फीसदी।
Keyword: bank, loan, debt, SBI,,
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