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रोजगार योजना के लिए चाहिए ज्यादा धन
संजीव मुखर्जी / नई दिल्ली 02 07, 2017

मनरेगा

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा की मजदूरी के बकाया भुगतान के लिए तीसरी पूरक मांग रखी
कुल बकाया 3,800 करोड़ रुपये होने का अनुमान

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की मजदूरी के बकाया भुगतान के लिए 2016-17 में तीसरी पूरक मांग रखी है। सोमवार तक के आंकड़ों के मुताबिक कुल बकाया 3,800 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। पुनरीक्षित अनुमानों में इस मद में बजट अनुमान की तुलना में 9,000 करोड़ रुपये ज्यादा दिए जाने के बावजूद यह स्थिति है। 

अगर बकाया सामग्रियों पर प्रशासनिक खर्च को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो यह बकाया 6,900 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर इस मांग को मंजूरी मिल जाती है तो 2016-17 के लिए इस कार्यक्रम का कुल आवंटन कम से कम 47,500 करोड़ रुपये या शायद इससे बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये हो जाएगा, जो इस योजना के तहत एक साल में अब तक का सबसे ज्यादा आवंटन होगा। 

2016-17 के लिए बजट अनुमान 38,500 करोड़ रुपये था। इसके अलावा सरकार राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक से सरकार 10,000 करोड़ रुपये उधार भी ले सकती है, जिससे ग्रामीण आवास योजना को तेजी से पूरा किया जा सके। यह 2017-18 के 23,000 करोड़ रुपये बजट आवंटन से ऊपर होगा। 2017-18 का आवंटन 2016-17 के पुनरीक्षित अनुमानों की तुलना में 44 प्रतिशत ज्यादा है।

योजना के तहत केंद्र सरकार ने 2019 तक 1.3 करोड़ से ज्यादा मकान बनाने की योजना बनाई है। इसमें से 33 लाख पहले की योजना के अधूरे आवास हैं, जिन्हें पूरा किया जाना है। बहरहाल अगर पूरक आवंटन नहीं आता है तो यह संभव है कि 2017-18 के बजट का इस्तेमाल बकाये के भुगतान के लिए किया जाए। इस वित्त वर्ष में 47,500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जो इसके पहले के वित्त वर्ष में किए गए खर्च की तुलना में 12,000 करोड़ रुपये ज्यादा है।

वित्त मंत्रालय ने इस योजना के तहत 2017-18 के लिए 48,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। एक अधिकारी ने कहा कि बगैर अतिरिक्त समर्थन के केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि 2017-18 में इसका प्रभावी तरीके से इस्तेमाल हो और इससे टिकाऊ संपत्ति का सृजन किया जा सके, जिसमें खेतोंं में तालाब बनाना और वर्मी कंपोस्ट का गड्ढा बनाने जैसे काम शामिल हैं।

Keyword: ग्रामीण विकास मंत्रालय, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, मनरेगा, बकाया भुगत,
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