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फोन चोरी जाए तो भी चैन न गंवाएं
संजय कुमार सिंह /  January 22, 2017

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नकद रहित लेनदेन का आह्वïान करते हुए एक नया जुमला गढ़ा था - आपका मोबाइल ही बैंक है। अपने मोबाइल फोन को बैंक की तरह आप बेशक इस्तेमाल कीजिए, लेकिन यह भी याद रखिए कि अगर फोन खो गया तो आपको बहुत महंगा पड़ेगा। पहले फोन खोता था तो निजी जानकारी और सामग्री के गलत इस्तेमाल का ही जोखिम रहता था। लेकिन अब ज्यादातर उपकरणों में मोबाइल वॉलेट ऐप होता है, इसलिए माली नुकसान का खतरा भी बढ़ जाता है। लेकिन सुरक्षा के ऐसे कई तरीके हैं, जो आपको अपना फोन खोजने, उसे लॉक करने और दुरुपयोग की आशंका कम करने में मदद करते हैं। इनमें बाहर से लाए गए सुरक्षा सॉफ्टवेयर भी होते हैं और फोन के भीतर मौजूद प्रणाली भी होती हैं।

 
सबसे पहले तो आप इस बात का इत्मीनान रखें कि अगर आपने फोन हाल ही में खरीदा है तो उसे चुराने वाला उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। पहले चोर निजी पहचान क्रमांक (पिन) वाले फोन से डेटा खत्म कर दिया गया करते थे, नया अकाउंट बनाते थे और फोन इस्तेमाल करने लगते थे। लेकिन 2014 के बाद आए ऐपल फोन या 6.0 मार्शमेलो ऑपरेटिंग सिस्टम वाले ऐंड्रॉयड फोन के लिए सर्वर सबसे पहले लॉग इन सूचनाएं मांगेगा, जो फोन के मालिक ने शुरुआत में दी थीं। उसके बाद ही फोन पर कोई अलग खाता बना पाएगा।
 
अपने फोन का पता लगाएं
 
ऐपल और ऐंड्रॉयड के भीतर इस तरह के फीचर पहले ही रहते हैं, जो फोन खो जाने पर उसे ढूंढने में आपकी मदद करते हैं। ऐपल में इसे 'फाइंड माई फोन' और ऐंड्रॉयड पर 'ऐंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर' कहा जाता है। जब आप फोन को चालू करते समय अपने ऐपल या गूगल खाते के जरिये लॉग इन करते हैं तो यह फीचर स्वत: ही सक्रिय हो जाता है। इसके इस्तेमाल का तरीका भी बेहद आसान है। फोन खो जाने के बाद आप ऑइलाइन जाकर 'फाइंड माई फोन' या 'ऐंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर' टाइप करें। लॉग इन करने के लिए अपने खाते के ब्योरे का इस्तेमाल करें। अगर आपका फोन ऑन है और इंटरनेट से जुड़ा है तो आपको उसकी लॉकेशन दिखाई देगी। अगर फोन स्विच ऑफ है या इंटरनेट से नहीं जुड़ा है तो आप केवल अंतिम लोकेशन ही देख पाएंगे। 
 
मोबाइल फोनों के लिए एंटीवायरस सॉफ्टवेयर भी खोज का विकल्प मुहैया कराते हैं। सिमेंटेक द्वारा मुहैया कराए जाने वाले नॉर्टन के कंट्री मैनेजर रितेश चोपड़ा ने कहा, 'हमारे मोबाइल सुरक्षा सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर यूजर अपने खोए हुए डिवाइस को नक्शे पर देख सकते हैं या एक एसएमएस के जरिये लोकेशन कॉर्डिनेट्स हासिल कर सकते हैं।' इन सॉफ्टवेयर की मदद से आप डिवाइस को दूर से ही लॉक कर सकते हैं। यह काम एंटीवायरस सॉफ्टवेयर की वेबसाइट के जरिये या एक एसएमएस भेजकर किया जा सकता है। चोपड़ा कहते हैं कि आप दूर से ही डिवाइस या उसके मेमरी कार्ड में स्टोर डाटा को डिलीट कर सकते हैं। अगर उन्हें लगता है कि उनका मोबाइल आसपास ही है तो वे शोर मचा सकते हैं। बेंंगलूरु स्थित सेंटर फॉर इंटरनेट ऐंड सोसाइटी के पॉलिसी ऑफिसर उद्भव तिवारी कहते हैं, 'अगर असल मालिक ने अपना फोन चोरी होने की खबर दी है तो कुछ ऐंटी वायरस सॉफ्टवेयर आपको अवैध यूजर के स्नैपशॉट लेने की भी मंजूरी देते हैं।'
 
पासवर्ड रखें
 
आपको सबसे पहली सुरक्षा यह अपनानी चाहिए कि अपने मोबाइल फोन में पिन, पैटर्न लॉक या पासवर्ड रखें। अगर आपने पिन नहीं डाला तो वह सब सामग्री फोन चोर के पास पहुंच जाएगी, जिसमें दूसरे चरण की पुष्टिï की जरूरत नहीं है। आपका लैपटॉप खो गया है, लेकिन अगर आपने अपना ई-मेल या सोशल नेटवर्किंग खाता लॉग आउट कर दिया है तो चोर इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। लेकिन मोबाइल फोन में ऐसी ज्यादातर सेवाओं के लिए दूसरे चरण की पुष्टि की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर रुपये पैसे के लिहाज से देखा जाए तो इस समय सबसे खतरनाक बात यह है कि ज्यादातर मोबाइल वॉलेट आपसे लेनदेन से पहले पासवर्ड नहीं मांगते हैं। हाल-फिलहाल केवल पेटीएम ने यह काम शुरू किया है और उसमें आपको पासवर्ड डालना पड़ता है।
 
तिवारी कहते हैं, 'अगर आपके पास मोबाइल वॉलेट है और आपने अपने फोन में पिन नहीं डाला हुआ है और यह फोन चोरी हो जाता है तो चोर आसानी से आपके वॉलेट से दूसरे वॉलेट में पैसे हस्तांतरित कर सकता है।' हालांकि ज्यादातर मोबाइल और नेट बैंकिंग ऐप में हर बार लॉग इन और पासवर्ड की जरूरत होती है और इसलिए ये ज्यादा सुरक्षित हैं। तुरंत एक पिन डालें और ऐसा मजबूत पिन डालें जिसका आसानी से अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इन दिनों आप अपने फोन में फिंगरप्रिंट आधारित अनलॉकिंग फीचर इस्तेमाल कर सकते हैं। क्विक हील टेक्नोलॉजिज के प्रबंध निदेशक और मुख्य तकनीक अधिकारी संजय काटकर ने बताया, 'ऐंड्रॉयड  प्लेटफॉर्म के लिए फोनटेस्टिक का इस्तेमाल कर आप अपने फोन में फिंगरप्रिंट अनलॉक फीचर शुरू कर सकते हैं।'
 
सामग्री को करें एनक्रिप्ट 
 
पिन या पासवर्ड डालने के बाद भी आपके फोन में मौजूद सामग्री की सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं ले सकता। अगर हैकर आपके फोन में मौजूद फाइलों और सामग्री तक पहुंचना ही चाहता होगा तो वह कई तरीके अपना सकता है। उससे इस सामग्री को बचाने के लिए आपको कुछ और जुगत भिड़ानी होगी। सामग्री को सुरक्षित करने के लिए गूगल और ऐपल जैसी ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलपर सामग्री को एनक्रिप्ट करती हैं। एनक्रिप्शन फीचर आपके डिवाइस की अनोखी चीजों जैसे क्रम संख्या और आपके पिन का इस्तेमाल के जरिये काम करता है। 
 
अगर कोई व्यक्ति कंप्यूटर के जरिये आपकी फाइलों तक पहुंच भी जाता है तो वह इन्हें नहीं खोल पाएगा। ये केवल आपके फोन पर खुलेंगी और आपके पिन, पासवर्ड या पैटर्न लॉक की मदद से खुलेंगी। सभी आईओएस फोनों में जब आप पिन सेट करते हैं तो सभी फाइलें अपने आप ही एनक्रिप्ट हो जाती हैं। पिछले एक साल में खरीदे गए किसी भी ऐंड्रॉयड फोन (जो ऐंड्रॉयड मार्शमेलो पर चलता है) में भी ऐसी ही तकनीक है। अगर आपके पास पुराना ऐंड्रॉयड फोन या ओएस वर्जन है तो आपको यह काम मैनुअल तरीके से करना होगा। सबसे पहले सैटिंग में जाएं, उसके बाद सिक्योरिटी में जाएं और 'एनक्रिप्ट फोन' का विकल्प खोजें और उस पर क्लिक करें। 
 
ऐप लॉक
 
कुछ ऐप आपको अपने फोन में ऐप्स को लॉक करने की सुविधा देते हैं और उन ऐप पर बनने वाली फाइलों को एनक्रिप्ट करते हैं। जब आप ऐप को चालू करते हैं तो सिक्योरिटी ऐप पिन डालने को कहेगा। जब आप ऐप से बाहर निकलते हैं तो यह ऐप के भीतर स्टोर सभी फाइलों को एनक्रिप्ट कर देता है। सबसे लोकप्रिय लॉक ऐंड एनक्रिप्ट ऐप डाउनलोड करने के लिए गूगल प्लेस्टोर या आईस्टोर में जाएं और टाइप करें 'एनक्रिप्टेड फाइल स्टोरेज।' तिवारी कहते हैं, 'अगर डिवाइस के स्तर पर एनक्रिप्शन का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इन ऐप की जरूरत नहीं है क्योंकि डिवाइस के स्तर पर एनक्रिप्शन पूरे डिवाइस को लॉक और एनक्रिप्ट करता है।'
 
Keyword: digital payment, cash, apps,,
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