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एसबीआई में पांच सहायक बैंकों का विलय अगले साल
एजेंसियां / मुंबई January 02, 2017

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अध्यक्ष अरुंधती भट्टाचार्य ने आज संकेत दिया कि उसके पांच एसोसिएट बैंक तथा भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) का विलय अगले वित्त वर्ष में खिसक सकता है क्योंकि उसे अभी भी इस संबंध में सरकार की अधिसूचना का इंतजार है। यह पूछे जाने पर कि क्या नोटबंदी के कारण विलय में विलंब हो सकता है, उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'विलय में संभवत: एक तिमाही की देरी हो सकती है। इसका कारण यह है कि हमें अभी सरकार से मंजूरी नहीं मिली है और अगर हमें अभी मंजूरी मिलती भी है तो भी अंतिम तिमाही में विलय बहुत बुद्धिमानीभरा नहीं होगा क्योंकि आईटी प्रणाली में काफी कुछ बदलाव की जरूरत होगी।'
 
प्रस्तावित विलय से एसबीआई एक वैश्विक आकार का बैंक बन जाएगा और दुनिया के शीर्ष 50 बैंकों में शामिल होगा। उसके पास 22,500 शाखाएं, 58,000 एटीएम तथा 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ 37,000 अरब रुपये या 555 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति होगी। अरुंधती ने कहा कि सामान्य तौर पर बैंक आईटी प्रणाली में बदलाव मध्य फरवरी तक बंद कर देता है। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी आईटी प्रणाली बिल्कुल अनभिज्ञ चीजों पर प्रभाव डाल सकती है। इसलिए हम वार्षिक खाताबंदी के वक्त कोई जोखिम नहीं लेते। इसीलिए हम वार्षिक खाताबंदी के बाद उस पर गौर करना चाहेंगे।'
 
यह पूछे जाने पर विलय प्रक्रिया पूरी होने के लिए उनके पास कोई नया समय है, उन्होंने कहा, 'फिलहाल नहीं। पहले सरकार से मंजूरी मिलने दीजिए, उसके बाद ही हमें पता चलेगा।' एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार को विलय योजना को अधिसूचित करना है। पहले यह कहा गया था कि विलय प्रक्रिया मार्च 2017 तक पूरी हो जाएगी। एसबीआई के तीन सूचीबद्ध एसोसिएट बैंक - स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (एसबीबीजे), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम), स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर तथा दो गैर-सूचीबद्ध बैंक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला तथा स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद हैं। 
 
विलय के बाद स्वैप रेशियो यानी अदला-बदली अनुपात के तहत एसबीबीजे शेयरधारकों को प्रत्येक 10 शेयर (प्रति 10 रुपये) के लिए एसबीआई (प्रति 1 रुपये) के 28 शेयर मिलेंगे। इसी तरह एसबीएम और एसबीटी के शेयरधारकों को प्रत्येक 10 शेयर के बदले एसबीआई के 22 शेयर मिलेंगे। भारतीय महिला बैंक के मामले में, प्रति 10 रुपये के 100 करोड़ के लिए एसबीआई के 4,42,31,510 शेयरों की अदला-बदली होगी। बैंक ने अपने शेयरधारकों को शेयर अदला-बदली अनुपात के संबंध में अपनी आपत्ति जताने का अवसर देने के लिए एक शिकायत निपटान प्रणाली की सुविधा भी मुहैया कराई थी। इसके तहत शेयरधारकों को अपनी शिकायत या आपत्ति जताने के लिए 21 दिन का समय दिया गया।
 
शिकायत समिति का गठन उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और दो चार्टर्ड अकाउंटेंटों के निर्देशन में किया गया। भट्टïाचार्य ने कहा कि पांच सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक के विलय के बाद एसबीआई में सरकार की हिस्सेदारी लगभग 59 फीसदी होगी। एसबीआई की लगभग 16,500 शाखाएं हैं जिनमें 36 देशों में फैली उसकी 191 विदेशी शाखाएं भी शामिल हैं। वैश्विक रूप से एसबीआई इस विलय के बाद परिसंपत्ति आकार के संदर्भ में 45वें पायदान पर आ जाएगा। एसबीआई ने पहला विलय 2008 में स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र के साथ किया था। उसके दो साल बाद स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का इसमें विलय किया गया। 
Keyword: SBI, bank, merge,,
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