बिजनेस स्टैंडर्ड - ईपीएफ ही सबसे आकर्षक
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, November 24, 2017 09:00 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विश्लेषण खबर

ईपीएफ ही सबसे आकर्षक
जयदीप घोष और संजय कुमार सिंह /  December 25, 2016

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने वर्ष 2016-17 के लिए ब्याज दर 8.80 प्रतिशत से कम कर 8.65 प्रतिशत करने की घोषणा की है। इसमें हैरानगी की कोई बात नहीं क्योंकि ब्याज दरों में पहले ही गिरावट दिख रही थी, इसलिए इस कदम की उम्मीद पहले से ही थी। 10 साल की अवधि के सरकारी बॉन्ड पर प्राप्तियां कम होकर 6.51 प्रतिशत रह गई हैं। इसके अलावा शेयरों में निवेश पर भी अच्छा प्रतिफल नहीं मिला है और पिछले एक साल में सेंसेक्स ने मात्र 3.3 प्रतिशत प्रतिफल ही दिया है। 

 
टैक्समेन के निदेशक राकेश भार्गव कहते हैं, 'ईपीएफ पर ब्याज फिक्स्ड डिपॉजिट, राष्ट्रीय बचत योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि आदि के मुकाबले अब भी बेहतर है।' अगर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ब्याज से तुलना करें तो ईपीएफ पर मिलने वाला प्रतिफल अब भी अधिक है। उदाहरण के लिए एसबीआई एक साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7 प्रतिशत और  5 से 10 साल की अवधि के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.5 प्रतिशत ब्याज की पेशकश कर रहा है। ईपीएफओ और एसबीआई के 1 साल और 10 साल के बीच अंतर इस समय करीब 165 और 205 आधार अंक है। यह अंतर दीर्घ अवधि में एक बड़ी रकम में तब्दील हो जाएगा। अगर कोई निवेशक हरेक महीने 10,000 रुपये ईपीएफ में 8.80 प्रतिशत के मुकाबले 8.65 प्रतिशत ब्याज पर डालता है तो प्रतिफल में महज 180 रुपये अंतर आएग। यह दर अगले अगले दस साल की अवधि तक के लिए भी जारी रही तो अंतर महज 3,822 रुपये का होगा। इसकी तुलना में एसबीआई के एक साल के फिक्स्ड डिपॉजिट में इतनी ही रकम डाली जाए तो इससे महज 8,400 रुपये ही मिलेंगे। 
 
वरिष्ठï नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) 8.5 प्रतिशत प्रतिफल देती है, जिस पर कर लगता है। सार्वजनिक भविष्य निधि कर मुक्त होती है, लेकिन यह कम होकर पहले ही 8 प्रतिशत रह गई है। डेट योजनाओं पर घटते ब्याज के बीच विशेषज्ञ का कहना है कि जो लोग अनिवार्य कटौती से अधिक रकम स्वेच्छा से दे रहे हैं उन्हें ऐसा करना जारी रखना चाहिए। आउटलुक एशिया कैपिटल के मुख्य कार्याधिकारी मनोज नागपाल कहते हैं, 'जो लोग 12 प्रतिशत अनिवार्य योगदान से अधिक रकम अपनी स्वेच्छा से जमा कर रहे हैं, उन्हें फिलहाल यह जारी रखना चाहिए।'
 
अगर आपका नियोक्ता ईपीएफ या राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में निवेश करने का विकल्प देता है तो निवेशक एनपीएस में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं। एनपीएस में निवेश से अधिक प्रतिफल मिल सकता है क्योंकि कोष के एक बड़े हिस्से (75 प्रतिशत तक) का शेयरों में निवेश हो सकता है। हालांकि ईईटी (एग्जेंप्ट- एग्जेंप्ट- टैक्सेशन) से एनपीएस का मजा किरकिरा जरूर हो गया है। इसके साथ ही अंत में जितनी रकम का कोष तैयार होगा, वह एन्युइटी में डालनी होगी। नागपाल कहते, 'अगर आप एनपीएस में निवेश करना चाहते हैं तो अपनी उम्र और जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से डेट-टू-इक्विटी अनुपात का चयन करें।' डेट फंड एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस साल डेट फंडों की खूब चली है क्योंकि ब्याज दर कम होने से बॉन्ड कीमतों में इजाफा हुआ है। उदाहरण के लिए गिल्ट मीडियम एवं लॉन्ग टर्म और डायनामिक बॉन्ड फंड ने पिछले एक साल में क्रमश: 16.36 और 14.07 प्रतिशत प्रतिफल दिए हैं। डेट फंडों में आक्रामक रुख के साथ निवेश करने से पहले इतना जरूर याद रखें कि इनके साथ थोड़ा जोखिम जुड़ा होता है। अगर आप डेट में नया निवेश करना चाह रहे हैं तो डेट फंड अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
Keyword: epfo, EPF,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Comments
 
v.k.goel
20-Mar-17
 
वेर्य इन्तेरेस्तिन्ग & इन्फोर्मतिवे अरि्ले
  आपका मत
 क्या उमंग से मिलेगा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.