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डिजिटल भुगतान, सरकार मेहरबान
प्रिया नायर /  December 18, 2016

विमुद्रीकरण की घोषणा के एक महीने बाद अब सरकार ने डिजटलीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में उन लोगों के लिए कई तरह की रियायतों की घोषणा की है, जो डिजिटल माध्यम से लेन-देन में दिलचस्पी रखते हैं। पेट्रोल पंपों पर डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर पेट्रोल अब 0.75 प्रतिशत सस्ता हो जाएगा। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और सरकारी सामान्य बीमा कंपनियों की वेबसाइटों से नई पॉलिसियां खरीदने पर अब प्रीमियम में क्रमश: 8 प्रतिशत और 10 प्रतिशत छूट मिलेगी। इनके अलावा कई ऐसे लेन-देन होंगे, जिनके लिए नकद रहित माध्यम अपनाने पर सरकार रियायत देगी।

 
केयर के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस कहते हैं, 'पहले महीने लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए विवश करने के बाद सरकार अब उन्हें रिझाने के लिए कई तरह की रियायतें दे रही है। यह अच्छा फैसला है क्योंकि लोग इससे अधिक सहज महसूस करेंगे।' कुछ पेट्रोल पंप क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर दो प्रतिशत शुल्क लेते हैं, जिससे कई लोग चाह कर भी कार्ड से भुगतान करने से डरते हैं। अब सरकार ने छूट देने की घोषणा की है, जिससे लोग कार्ड इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। सबनवीस कहते हैं, 'डिजिटल भुगतान प्रक्रिया में और अधिक तेजी लाने के लिए सरकार को दूसरे क्षेत्रों में भी ऐसी रियायतें देनी चाहिए।'
 
यह उन लोगों के लिए अच्छी पहल है, जो कार्ड से भुगतान करना चाहते हैं। मान लें, आप पेट्रोल पंप पर हरेक महीने 10,000 रुपये या 1.2 लाख रुपये सालाना खर्च करते हैं तो 0.75 प्रतिशत की छूट सालाना 900 रुपये हो जाएगी। हालांकि खर्च के हिसाब से रकम अधिक जरूर है, लेकिन इससे आपको कुछ अतिरिक्त पेट्रोल अतिरिक्त खरीदने या परिवार को किसी ढंग के रेस्तरां में खाना खिलाने लायक रकम तो मिल ही सकती है। हालांकि दूसरी सेवाओं पर छूट का लाभ उठाना चाहेंगे तो लाभ अधिक ही होगा। उदाहरण के लिए 25 साल का कोई व्यक्ति एलआईसी पोर्टल से 1 करोड़ रुपये का टर्म प्लान खरीदता है तो सालाना 1,920 रुपये छूट मिलेगी। इसी तरह 35 वर्ष का कोई व्यक्ति 10 लाख रुपये का फैमिली फ्लोटर प्लान खरीदता है तो उसे सालाना 1,300 रुपये की छूट मिलेगी। यह भी याद रखें कि बीमा कंपनियां इन रियायतों का इस्तेमाल अपनी योजनाएं आगे बढ़ाने के लिए भी कर सकती हैं। अगर आपने पर्याप्त बीमा पॉलिसियां ले रखी हैं तो पोर्टफोलियो में और पॉलिसी शामिल नहीं करें। आप आईआरसीटी की वेबसाइट के जरिये सीजन टिकट यानी मासिक या तिमाही टिकट भी खरीद सकते हैं। क्रेडिट कार्ड तो सभी स्वीकार हैं, लेकिन केवल 7 बैंकों डेबिट कार्ड चलते हैं।
 
बैंकबाजार डॉट कॉम के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर नवीन चंदानी कहते हैं, 'इस समय डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर क्रमश: 1.0-1.2 और 1.8 प्रतिशत लेन-देन शुल्क लगता है। लेकिन अब सरकार केंद्र सरकार अपने सभी विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को लेन-देन शुल्क/मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) ग्राहकों पर नहीं लादने के लिए कह रही है, ऐसे में यह माना जा सकता है कि टिकट बुकिंग भी इस रियायत के दायरे में आएगी।'
 
हालांकि पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी याशिष दहिया का मानना है कि कुछ प्रोत्साहन देकर लोगों को डिजिटल भुगतान की धारा में लाना एक अच्छी पहल कही जा सकती है, लेकिन यह पूरी तरह उपयोगी तभी साबित होगा जब एजेंट, ब्रोकर एवं एग्रीगेटर सभी को इसका लाभ मिलेगा। वह कहते हैं, 'परंपरागत तरीके से लेन-देन में समय के साथ ही प्रयास भी करने पड़ते हैं लेकिन डिजिटल भुगतान से ये दिक्कतें दूर हो जाएंगी।'
 
फिलहाल डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर प्वाइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) वाले बैंक को एमडीआर का भुगतान करना पड़ता है। इस समय एमडीआर पर सेवा कर भुगतान भी करना पड़ता है। 2,000 रुपये तक के भुगतान पर इससे छूट दी गई है। डेबिट कार्ड के लिए एमडीआर की सीमा 0.5 से 1.0 प्रतिशत और क्रेडिट कार्ड के लिए यह 2 प्रतिशत तक तय है।  चंदानी कहते हैं, 'हालांकि उपभोक्ता को तत्काल कोई राहत नहीं मिलेगी क्योंकि बिल में कोई फर्क नहीं आएगी, लेकिन इससे अधिक से अधिक कारोबारी कार्ड भुगतान स्वीकार करना शुरू कर देंगे, साथ ही बैंक भी अधिक पीओएस लगाएंगे। अंतत: इनका लाभ ग्राहकों को ही मिलेगा।'
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