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'अगले छह महीने बाजार में रह सकती है उथल-पुथल'
पुनीत वाधवा /  December 11, 2016

ब्याज दरों पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का रुख साफ होने के बाद अब बाजार की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक-फेडरल रिजर्व-की बैठक पर टिकी हैं। कोटक महिंद्रा ऐसेट मैंनेजमेंट के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह का कहना है कि बाजार अमेरिका में ब्याज दरों में 25 आधार अंक बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा है, लेकिन वह 2017 के बड़े अनुमानों से परहेज कर रहा है। पुनीत वाधवा ने उनसे बाजार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बात की। प्रमुख अंश: 

 
घरेलू और वैश्विक स्तर पर हाल की घटनाएं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से ठीक पहले अनिश्चितता के मद्देनजर क्या आपको लगता है कि बाजार को अभी और मुश्किलों के लिए तैयार रहना होगा?
 
बाजार फिलहाल अनिश्चितता में झूल रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला, अगले वित्त वर्ष का बजट, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम और कंपनियों की आय बाजार पर असर डाल सकते हैं। इस साल मॉनसून सामान्य रहने, वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने और बाजार में पर्याप्त नकदी होने से इतना भरोसा जरूर मिल रहा है कि आय में तेजी आ सकती है। दूसरी तरफ विमुद्रीकरण से अल्प अवधि में खपत पर नकारात्मक प्रभाव, जीएसटी लागू होने के बाद पैदा होने वाले हालात आदि आय इजाफे में एक या दो तिमाहियों की देरी की तरफ इशारा कर रहे हैं। आय पर स्थिति साफ न होने से बाजार कुछ समय के लिए अनिश्चितताओं में झूल सकता है। 
 
विदेशी निवेशकों का रुख क्या रहेगा? क्या बिकवाली जोर पकड़ेगी?
 
वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें निचले स्तर पर जानी शुरू हो गई हैं। बाजार अब तक ब्याज दरों में तेजी के सिलसिले के बारे में नहीं सोच पाया है। अमेरिकी बॉन्ड पर प्राप्तियों में बढ़ोतरी से भारत सहित तेजी से उभरते दूसरे बाजारों से निवेश निकलने का सिलसिला शुरू होगा। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाली जारी रखेंगे, जिसका सीधा असर शेयर कीमतों पर होगा। बाजार अमेरिका में ब्याज दरों में 25 आधार अंक बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा है, लेकिन कैलेंडर वर्ष 2017 के लिए वह बड़े अनुमानों के लिए तैयार नहीं है। हमें नहीं लगता कि वैश्विक या अमेरिकी अर्थव्यवस्था ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी झेलने लायक है। हालांकि 2017 में भारत में एफआईआई निवेश बढ़ेगा लेकिन बीच-बीच में बिकवाली भी होती रहेगी। 
 
विमुद्र्रीकरण के बाद बाजार और भारतीय उद्योग जगत किसी तरह प्रभावित होंंगे?
 
कंपनियों की आय पर विमुद्रीकरण के फैसले के बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। इतना जरूर है कि कारोबार तंत्र जरूर प्रभावित हुआ है। बाजार को अगले तीन से छह महीने में स्थिति सुधरने की उम्मीद है। इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे तो बाजार में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है। अगर भारतीय लोग कर भुगतान सही तरीके से करते हैं और नकदी रहित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते हैं तो आय अर्जित करने की रफ्तार तेजी से सुधरेगी। अगर काला धन बैंकिंग प्रणाली में नहीं लौटा तो 1 अप्रैल को आरबीआई को बड़ी रकम हाथ लग सकती है। सरकार अगर ढांचगत क्षेत्र में इस रकम के निवेश से विकास की रफ्तार मजबूत करने में सफल रही तो आय में तेजी से सुधार होगा। चिंता की बात यह है कि आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कह दिया है कि उसे इस तरह की कोई बड़ी रकम मिलने की उम्मीद नहीं है।  
 
घरेलू और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं को लेकर क्या बाजार जरूरत से अधिक प्र्रतिक्रियानहीं दिखा रहा? मार्च तक सेंसेक्स और निफ्टी को किस सीमा तक नुकसान की आशंका है?
 
बाजार न तो निराशावादी है और न ही आशावादी। बाजार किसी खास समय उपलब्ध आंकड़ों और भविष्य के रुझानों पर वास्तविक रुख अख्तियार करता है। हमें लगता है कि बाजार आशा और निराशा के बीच झूलता रहेगा। बढ़त हासिल करने से पहले तीन से छह महीने तक बाजार में अनिश्चितता रहेगी। 
 
क्या एफआईआई की बिकवाली के समय घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार को मजबूती देते रहेंगे? वे कब बिकवाली शुरू करेंगे?
 
खुदरा निवेशकों ने खासी परिपक्वता दिखाई है। उन्होंने हरेक बार गिरावट होने पर निवेश किया है। कोटक म्युचुअल फंड में नवंबर में खासा पूंजी प्रवाह हुआ। लंबी अवधि के लिए वे सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये निवेश कर रहे हैं। इन सभी बातों से पता चलता है कि इक्विटी म्युचुअलों फंड के लिए हालात बेहतर हैं।
 
मध्यम से दीर्घ अवधि के लिए क्या खरीदारी करने का यह सही समय है?
 
अगर भारतीय कंपनियां सतत रूप से अधिक मुनाफा अर्जित करती रहीं तो बाजार में तेजी बनी रहेगी। आने वाले समय में कंपनियों के मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी की जमीन तैयार हो चुकी है। लोग नकदी रहित लेन-देन की ओर बढ़ें और कर भुगतान समय पर करते रहें तो कंपनियों की आय बाजार को भी चकित कर सकती है। हम निवेशकों को अल्प अवधि में अनिश्चितताओं से डरे बिना एकमुश्त के बजाय एसआईपी के जरिये निवेश की सलाह देंगे।
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