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वेतन ने बढ़ाई बैंकों की धड़कन
बीएस संवाददाता और एजेंसियां / नई दिल्ली/मुंबई 11 29, 2016

1 दिसंबर से वेतन-पेंशन की निकासी के लिए बैंकों पर बढ़ेगा दबाव

दिसंबर की शुरुआत में कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के खाते में आएगा वेतन
बैंकों ने भारी निकासी दबाव को देखते हुए आरबीआई से मांगी अतिरक्त नकदी
आरबीआई ने 10 से 25 नवंबर तक भेजी है 2 लाख करोड़ रुपये की नकदी
करीब 70 फीसदी एटीएम दुरुस्त लेकिन ज्यादातर में नकदी नहीं
बैंकों ने की शाखाओं में संभावित भीड़ से निपटने के  लिए अतिरिक्त काउंटर खोलने की तैयारी

बड़े नोट बंद होने की घोषणा को 20 दिन बीतते-बीतते बैंकों के एटीएम के आगे कतारें कुछ छोटी दिखने लगी हैं, लेकिन एटीएम के आगे की भीड़ अब बैंकों के भीतर नजर आने लगी है। पुराने नोट जमा कराने वालों से ज्यादा भीड़ नए नोट निकालने वालों की हैं, जिनमें कारोबारी, नौकरीपेशा, पेंशनर और करीब-करीब हर तबके के लोग शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने भीड़ कम करने के लिए 70 फीसदी से ज्यादा एटीएम को नए नोटों की निकासी के लिए दुरुस्त बना दिया है, लेकिन कई एटीएम अभी नकदी का इंतजार ही कर रहे हैं। इसके अलावा 2,500 रुपये रोजाना की बंदिश और महीने का आखिरी हफ्ता लोगों को एटीएम से मुंह मोड़कर बैंकों के भीतर जाने के लिए मजबूर कर रहा है।

बहरहाल बैंकों के लिए असली चुनौती दो दिन बाद 1 तारीख से शुरू होने वाली है, जब वेतन और पेंशन की निकासी के लिए उनकी शाखाओं पर भीड़ उमड़ेगी। केंद्र सरकार के ही 50 लाख वेतनभोगी कर्मचारी हैं और 58 लाख पेंशनभोगी हैं। कारोबारी भी अपने कर्मचारियों के वेतन के लिए रकम निकासी उसी दिन करेंगे। माना जा रहा है कि दिसंबर के शुरुआती दस दिन बैंकों के लिए खासे भारी पड़ेंगे क्योंकि राशन, स्कूल फीस से लेकर तमाम तरह के बिल और दूसरे खर्च उसी दौरान किए जाते हैं, जिसके लिए हर शख्स को रकम निकासी की जरूरत होगी।

बैंक अपनी ओर से हर तरह की कोशिश कर रहे हैं। मसलन कई बैंक पेंशनभोगियों और मजदूरों को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं। मुंबई पुलिस के वेतन खातों को संभालने वाले ऐक्सिस बैंक ने दोपहर में पुलिसकर्मियों के लिए अलग से कतार लगाने की व्यवस्था की है। कई दूसरे बैंक भी वेतन और पेंशन के लिए अलग से काउंटर लगाने पर विचार कर रहे हैं। कई बैकों ने रिजर्व बैंक से दिसंबर के शुरुआती दिनों में निकासी की मांग के मुताबिक पर्याप्त नोट उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। नोटबदली के समय की अव्यवस्था को देखते हुए कई बैंक अपनी शाखाओं पर निजी सुरक्षा गार्ड लगाने का इंतजाम भी कर रहे हैं ताकि अराजकता की स्थिति न उत्पन्न हो।

रिजर्व बैंक भी स्थिति को काबू में रखने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा है। बैंकरों का कहना है कि केंद्रीय बैंक ने नोटों की आपूर्ति तेज कर दी है। 10 नवंबर से 25 नवंबर के बीच रिजर्व बैंक ने 2 लाख करोड़ रुपये के नए नोट बैंकों पास भेजे हैं। लेकिन नोटों की किल्लत से घबराए लोगों ने आम तौर पर निकासी कर रकम अपने घरों में रख ली है, जिसकी वजह से कमी और भी महसूस हो रही है। ऐसे में दिसंबर की शुरुआत में एटीएम पर भी दिक्कत हो सकती है क्योंकि ऊंचे वेतन वाले एक ही बार में वेतन निकालने के बजाय एटीएम का बार-बार प्रयोग करते हैं। लोकसभा में आयकर कानून में संशोधन विधेयक को भी आज बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। इसमें कालाधन जमा कराने वालों के लिए कराधान का प्रावधान किया गया है।

Keyword: demonetization, Currency, Banks, salary,
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