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एसबीआई के शुद्ध लाभ को एनपीए का झटका
बीएस संवाददाता और एजेंसियां / मुंबई/नई दिल्ली November 11, 2016

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मुनाफा चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान डूबते कर्ज के लिए प्रावधान की रकम में उल्लेखनीय वृद्धि और ब्याज आय घटने के कारण दबाव में आ गया। देश के सबसे बड़े ऋणदाता का शुद्ध लाभ 30 सितंबर 2016 को समाप्त तिमाही के दौरान 34.6 फीसदी घटकर 2,538 करोड़ रुपये रह गया जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,879 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले बैंक का शुद्ध लाभ मामूली बढ़ोतरी के साथ 2,520 करोड़ रुपये हो गया।

 
अन्य स्रोतों से होने वाली आय- ट्रेजरी राजस्व, शुल्क और 796 करोड़ रुपये का सेवाकर रिफंड- से बैंक के मुनाफे को बल मिला। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक की अन्य स्रोतों से होने वाली आय 35.9 फीसदी बढ़कर 8,424 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की समान अवधि में 6,197 करोड़ रुपये रही थी। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर एसबीआई का शेयर आज 3 फीसदी की गिरावट के साथ 272 रुपये पर बंद हुआ।
 
एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टïाचार्य ने कहा कि ऋण के कमजोर उठाव और उधारी दरों में कटौती से बैंक की ब्याज आय प्रभावित हुई। तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय 14,437 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रही जो पिछले साल की समान अवधि में 14,252 करोड़ रुपये रही थी। डूबते कर्ज (गैर-निष्पादित आस्तियों) के लिए प्रावधान की रकम तिमाही के दौरान बढ़कर 7,669 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की समान अवधि में 3,841 करोड़ रुपये रही थी।
 
इंडियन ओवरसीज बैंक का नुकसान बढ़ा
 
इंडियन ओवरसीज बैंक का शुद्ध नुकसान सितंबर में समाप्त तिमाही में बढ़कर 765.13 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 550.83 करोड़ रुपये रहा था। बैंक की कुल आय 12 फीसदी घटकर 5961.62 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 6769.94 करोड़ रुपये रही थी।कर्ज के प्रतिशत के तौर पर सकल गैर-निष्पादित आस्तियां करीब दोगुनी होकर 21.77 फीसदी यानी 34,724.12 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 11 फीसदी यानी 19,423.75 करोड़ रुपये रही थी। शुद्ध एनपीए भी कर्ज के 14.30 फीसदी यानी 20,765.31 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 7.41 फीसदी यानी 12,539.23 करोड़ रुपये रहा था। बैंंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 10.15 फीसदी रहा और बैंंक ने कहा है कि नवंबर के पहले हफ्ते के दौरान इसने 800 करोड़ रुपये के टियर-2 बॉन्ड जारी किए हैं, जो टियर-2 पूंजी में सुधार लाएगा और पूंजी पर्याप्तता अनुपात में भी। इसका शुद्ध ब्याज मार्जिन 2.02 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 1.87 फीसदी रहा था।
 
बैंक ऑफ बड़ौदा का शुद्ध लाभ चार गुना बढ़ा 
 
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) का चालू वित्त वर्ष की जुलाई से सितंबर तिमाही में शुद्ध लाभ चार गुना बढ़कर 552.1 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 124.4 करोड़ रुपये था। एक बयान में बैंक ने जानकारी दी कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी कुल आय घटकर 12,046.6 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 12,300.4 करोड़ रुपये थी। इस अवधि में उसकी सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) उसके सकल ऋण का 11.35 फीसदी रहीं, जो पिछले साल की इसी अवधि में 5.56 फीसदी थीं। बैंक का शुद्ध एनपीए उसके शुद्ध ऋण का 5.46 फीसदी रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 3.08 फीसदी था। बैंक का फंसे कर्ज का प्रावधान घटकर 1,795.84 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 1891.70 करोड़ रुपये था। 
 
आंध्रा बैंक का मुनाफा 80 फीसदी घटा
 
आंध्रा बैंक का शुद्ध लाभ सितंबर में समाप्त तिमाही में 80 फीसदी की गिरावट के साथ 51.4 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 251.3 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि बैंक का राजस्व 6.3 फीसदी की उछाल के साथ 5043 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 4744 करोड़ रुपये रहा था। तिमसहर के दौरान बैंक की गैर-निष्पादित आस्तियों के लिए प्रावधान में 47 फीसदी का इजाफा होने से इसका शुद्ध लाभ घटा और यह 917 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 624 करोड़ रुपये रहा था। बैंक का शुद्ध एनपीए 151 फीसदी बढ़कर 9411 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 3750 करोड़ रुपये रहा था। इस अवधि में बैंक ने 900 करोड़ रुपये टियर-1 बॉन्ड से जबकि 1,000 करोड़ रुपये टियर-2 बॉन्ड से जुटाए। इसका कुल कारोबार इस अवधि में 7.5 फीसदी बढ़कर 3.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पहले 2.97 लाख करोड़ रुपये रहा था। जमाओं में 7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 1.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
 
टाटा स्टील को 49.38 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा 
 
टाटा स्टील का चालू वित्त वर्ष की जुलाई से सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध घाटा 49.38 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 5,609.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी एकीकृत कुल आय 27,471.15 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 27,456.30 करोड़ रुपये थी। इस अवधि में कंपनी का कुल व्यय 25,968.85 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 26,988.65 करोड़ रुपये था। पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी का शुद्ध घाटा कम रहा है। अप्रैल से जून तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध घाटा 3,183.07 करोड़ रुपये था। इस दौरान उसकी एकीकृत कुल आय 26,406.10 करोड़ रुपये थी। 
 
अपोलो हॉस्पिटल्स का शुद्ध लाभ मामूली बढ़ा
 
अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज लिमिटेड का शुद्ध लाभ सितंबर में समाप्त तिमाही में 2.7 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 91.99 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 89.55 करोड़ रुपये रहा था। इसकी कुल आय 16 फीसदी की उछाल के साथ 1634.10 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 1409.73 करोड़ रुपये रही थी। हॉस्पिटल चेन ने ऐलान किया है कि नवी मुंबई में 480 बिस्तर वाला अस्पताल 14 नवंबर को चालू हो जाएगा। इसके चालू होने के बाद कंपनी की क्षमता 30 फीसदी बढ़ जाएगी। 
 
सन टीवी का शुद्ध लाभ 22 फीसदी बढ़ा
 
सन टीवी नेटवर्क का शुद्ध लाभ सितंबर में समाप्त तिमाही में 21.7 फीसदी की उछाल के साथ 270.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 222.07 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का राजस्व इस अवधि में 10 फीसदी बढ़कर 625.49 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी परिचालन से कुल आय 567.55 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी को सब्सक्रिप्शन से मिलने वाला राजस्व करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 228.55 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
 
रिलायंस पावर का मुनाफा 6 फीसदी घटा
 
परिचालन के स्तर पर कमजोर प्रदर्शन के चलते रिलायंस पावर का एकीकृत शुद्ध लाभ सितंबर में समाप्त तिमाही में 6 फीसदी फिसल गया। सितंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 272.07 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 290.19 करोड़ रुपये के मुकाबले 6 फीसदी कम है। इसकी परिचालन आय 11 फीसदी टूटकर 2082.23 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 2329.85 करोड़ रुपये रही थी। इस अवधि में कंपनी का खर्च 13 फीसदी घटकर 1474.71 करोड़ रुपये रहा। कंपनी की वित्तीय लागत 14 फीसदी बढ़कर 693.64 करोड़ रुपये रही। प्रदर्शन के मामले में कंपनी बाजार के अनुमान से पीछे रही। ब्लूमबर्ग ने कंपनी का शुद्ध लाभ 301.2 करोड़ रुपये और राजस्व 2556 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था।
 
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा का शुद्ध लाभ 27 फीसदी बढ़कर 1,163 करोड़ रुपये हुआ
 
फार्म उपकरण कारोबार से हुई बढ़ोतरी के चलते महिंद्रा ऐंड महिंद्रा का शुद्ध लाभ सितंबर में समाप्त तिमाही में 27 फीसदी बढ़कर 1163 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 915.38 करोड़ रुपये रहा था। परिचालन से इसका एकल राजस्व इस अवधि में 11,363.63 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 9,834.41 करोड़ रुपये के मुकाबले 15.56 फीसदी ज्यादा है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर आज 6 फीसदी गिरावट के साथ 1,241.85 रुपये पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 2.54 फीसदी गिरावट के साथ 26,818 अंकों पर बंद हुआ। कंपनी ने 52,287 वाहनों की बिक्री की जो पिछले साल के मुकाबले 15.6 फीसदी अधिक है। ट्रैक्टरों की बिक्री 37 फीसदी बढ़कर 57,867 वाहन हो गई।
 
पवन गोयनका बने एमडी
 
कंपनी ने आज समूह में शीर्ष स्तर पर फेरबदल करते हुए पवन गोयनका को समूह का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया और आनंद महिंद्रा को कार्यकारी चेयरमैन बनाया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि मौजूदा समय में महिंद्रा समूह के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हैं जबकि गोयनका कंपनी के ऑटोमोटिव विभाग के अध्यक्ष एवं समूह के कार्यकारी निदेशक हैं। कंपनी ने कहा कि गोयनका समेत अन्य सभी प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अध्यक्ष समूह के चेयरमैन को ही रिपोर्ट करेंगे। इसके अलावा गोयनका ऑटोमोटिव कारोबार को भी देखना जारी रखेंगे।
Keyword: bank, loan, debt, NPA, SBI,,
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