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बैंकों की एमएफआई के साथ गठजोड़ में तगड़ी रुचि
नम्रता आचार्य / कोलकाता 10 12, 2016

नए वित्तीय गठजोड़

 कोटक महिंद्रा बैंक ने बीएसएस माइक्रोफाइनैंस का अधिग्रहण किया
आरबीएल बैंक ने उत्कर्ष माइक्रोफाइनैंस में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी

करीब एक महीने पहले टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा, पूर्व वित्त सचिव एवं नैशनल इंस्टीट़्यूट ऑफ पब्लिक फाइनैंस ऐंड पॉलिसी के चेयरमैन विजय केलकर और इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी ने माइक्रोफाइनैंस कंपनी अवंति फाइनैंस की स्थापना के लिए करार किया था। एक ही उद्यम में तीन दिग्गजों की उपस्थिति इस लिहाज से चौंकाने वाली नहीं थी कि निवेशक माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र में पोर्टफोलियो वृद्धि की ऊंची दर और ग्रामीण बचतों के भारी भंडार के दोहन के अवसरों की वजह से उसकी तरफ खिंचे चले आ रहे हैं।

ऐसा नजर आ रहा है कि बैंक भी एमएफआई के उभार का हिस्सा बनना चाहते हैं। पिछले एक साल के दौरान कई बैंकों ने एमएफआई में हिस्सेदारी खरीदी है। हालांकि कुछ सौदों पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं, लेकिन उद्योग के जानकारों का कहना है कि आगे और साझेदारियां होंगी। पिछले सप्ताह कोटक महिंद्रा बैंक ने बेंगलूरु की बीएसएस माइक्रोफाइनैंस का अधिग्रहण किया था। आरबीएल बैंक ने उत्कर्ष माइक्रोफाइनैंस में करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। गौरतलब है कि उत्कर्ष माइक्रोफाइनैंस जल्द ही लघु वित्त बैंक में तब्दील होने वाली है। 

इस साल जुलाई में आईडीएफसी बैंक ने तिरुचिरापल्ली की ग्राम विदियाल माइक्रोफाइनैंस का अधिग्रहण किया था। यह आईडीएफसी बैंक का एमएफआई क्षेत्र में दूसरा सौदा था। इस साल की शुरुआत में आईडीएफसी बैंक ने पूर्वी भारत में स्थित एएसए इंटरनैशनल इंडिया माइक्रोफाइनैंस की 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। इस साल मार्च में डीसीबी बैंक ने ओडिशा की अन्नपूर्णा माइक्रोफाइनैंस में 5.81 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

आरबीएल बैंक में रणनीति, खुदरा और वित्तीय समावेश प्रमुख राजीव आहूजा ने ने कहा, 'आरबीएल में हम पिछले पांच साल से वित्तीय समावेश और आम आदमी को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमने कारोबार का बड़ा हिस्सा साझेदारी के आधार पर बनाया है। उत्कर्ष में निवेश वितरण बढ़ाने की अवधारणा की निरंतरता है। जब वह बैंक बनेगा तो हम उनके लिए कई चीजें कर सकते हैं।'

इससे पहले आरबीएल बैंक ने स्वाधार फिनसर्व में 30 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। स्वाधार फिनसर्व बैंकिंग करेस्पोंडेंट के रूप में काम करने वाली कंपनी है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भी एमएफआई के अधिग्रहण में रुचि दिखाई है। वर्ष 2015 में मणप्पुरम फाइनैंस ने चेन्नई स्थित एनबीएफसी-एमएफआई आशीर्वाद माइक्रोफाइनैंस का अधिग्र्रहण किया था। 

हालांकि बैंकों की एमएफआई में रुचि की एक प्रमुख वजह उनकी वृद्धि है, लेकिन कुछ अन्य कारक भी ऋणदाताओं को एमएफआई की तरह खींच रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष में एमएफआई क्षेत्र की सालाना वृद्धि 84 फीसदी रही थी। उदाहरण के लिए एमएफआई के साथ गठजोड़ से बैंक बहुत ज्यादा निवेश किए बिना सुदूरवर्ती इलाकों में अपनी पैठ बना सकेंगे। इसके अलावा एमएफआई के बैंकिंग करेस्पोंडेंट के रूप में काम करने से बैंकों की ग्रामीण क्षेत्र की मोटी बचत तक पहुंच संभव हो सकेगी। 

यूनिटस कैपिटल के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक अभिजीत रे ने कहा, 'पिछले एक साल के दौरान हमने देखा है कि बहुत से बैंक एमएफआई में हिस्सेदारी खरीदने या उनके अधिग्रहण में रुचि ले रहे हैं। यह बैंकों और एमएफआई दोनों के लिए फायदेमंद है।' सैटिन केयर क्रेडिट नेटवर्क के चेयरमैन एच पी सिंह ने कहा, 'इससे पहले बैंक एमएफआई को सावधि ऋण देते थे, जिसे एमएफआई लोगों को कर्ज देते थे। लेकिन अब बहुत से बैंक उनमें हिस्सेदारी खरीदने को तरजीह दे रहे हैं और उन्हें अपनी सहायक बना रहे हैं।'

इसके अलावा यह भी यह तथ्य है कि 10 लघु वित्त बैंक लाइसेंस में से 8 एमएफआई को मिले हैं, जिससे निवेशकों की इस क्षेत्र में रुचि बढ़ी है। इससे भी नए निवेशक इस क्षेत्र की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। माइक्रोफाइनैंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क के मुताबिक पिछले एक साल में 8 से 10 नए एमएफआई बनी हैं। 

एमएफआईएन के सीईओ रतन विश्वनाथन ने कहा, 'एमएफआई के लिए बड़ी कंपनी का हिस्सा बनना तर्कसंगत है। एमएफआई बैंकों को ग्रामीण पोर्टफोलियो तक अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। आने वाले दिनों में हमें बैंकों और एमएफआई के बीच सौदे देखने को मिल सकते हैं।' इस उद्योग के विशेषज्ञ और एमएफआईएन के पूर्व मुख्य कार्याधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा, 'जो बैंक अपना वितरण नेटवर्क तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए एमएफआई में निवेश अच्छा है। बाजार के वर्गीकरण के लिहाज से हम देख रहे हैं कि कंपनियों को उधारी में कमी आ रही है और जोखिम लेने से बचा जा रहा है। एमएसएमई क्षेत्र में भी काफी चुनौतियां हैं। 

Keyword: bank, loan, debt,,
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