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झुनझुनवाला का आईपीओ पर दांव नहीं रहा सफल
बीएस संवाददाता /  October 02, 2016

चर्चित निवेशक राकेश झुनझुनवाला को शानदार शेयर चयनकर्ता समझा जाता है। हालांकि आईपीओ में उनके कुछ ताजा दांव सफलता का स्वाद चखने में कामयाब नहीं रहे। उनके निवेश को अल्पावधि में फायदा नहीं मिला। झुनझुनवाला ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के आईपीओ में बड़ा निवेश किया और यह शेयर पहले ही दिन 10.7 फीसदी की गिरावट का शिकार हुआ। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन के आईपीओ में अरबपति निवेशक का निवेश भी सूचीबद्घता के तीन महीने बाद उसकी निर्गम कीमत से नीचे रहा था, लेकिन फिलहाल यह 20 फीसदी तक चढ़ा है। हालांकि झुनझुनवाला को शायद इन दो बाजार दिग्गजों में दीर्घावधि में शानदार प्रतिफल की उम्मीद दिख रही है।     - समी मोडक

कमीशन को लेकर फंड हाउसों की चिंता बढ़ी
म्युचुअल फंड हाउस पहली बार वितरकों द्वारा 1 अक्टूबर से कमीशन घोषित किए जाने के बाद पैदा हुई स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने फंड हाउसों से वितरकों को चुकाए जाने वाले कमीशन को छमाही आधार पर घोषित करने और फंड हाउसों को यह जानकारी अपनी वेबसाइटों पर डालने को कहा है। फंड हाउसों और वितरकों की मुख्य चिंता यह है कि निवेशक अधिक कमीशन को देखते हुए वितरकों से दूरी बना सकते हैं। चिंताजनक स्थिति यह है कि बड़े निवेशक वितरकों से रिश्वत के तौर पर मिलने वाली रकम पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। एक फंड हाउस के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, 'बड़ी आशंका यह है कि यहां तक कि डायरेक्ट प्लान की ओर रुख करने से पहले कुछ निवेशक शुरू में निवेश से परहेज कर सकते हैं जिससे फंड हाउसों के लिए ताजा प्रवाह में कमी बढ़ सकती है।'     - जयदीप घोष

एचएनआई ने आईपीओ में अपनाया 'शेयरहोल्डर' रूट
कुछ ताजा आईपीओ में उनकी पैतृक कंपनी के 'शेयरधारकों' के लिए विशेष रिजर्वेशन की व्यवस्था की गई। उदाहरण के लिए, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के आईपीओ ने आईसीआईसीआई बैंक के शेयरधारकों के लिए 10 प्रतिशत कोटा रखा था। बाजार कारोबारियों का कहना है कि बड़ी तादाद में निवेशक, खासकर अमीर निवेशक (एचएनआई) इसका लाभ उठाते देखे गए। एक ब्रोकर ने कहा, 'चूंकि एचएनआई श्रेणी को सामान्य तौर पर ज्यादा अभिदान मिलता है, ऐसे में कुछ निवेशक शेयरहोल्डर कैटेगरी के जरिये अपने आवेदन भेजते हैं।' ब्रोकर ने कहा कि इस तरह की समस्या को इस श्रेणी के तहत किए जाने वाले आवेदनों के लिए निवेश सीमा तय कर दूर की जा सकती है।     - समी मोडक

Keyword: IPO, rakesh jhunjhunwala, investment,
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