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जवानी में जरा तेजी से बचाएं ताकि बुढ़ापा आराम से बिताएं
संजय कुमार सिंह /  September 05, 2016

 हो सकता है कि 20 से 30 साल या 30 से 40 साल के बीच की उम्र के लोग सेवानिवृत्ति के बारे में ज्यादा नहीं सोचते हों और आम तौर पर इसके बारे में बात करने से बचते ही रहे हों। लेकिन अगर आपको वित्तीय योजनाकार अच्छा है तो वह आपको रोकेगा और इस पर सोचने के लिए कहेगा। यह बात भी सच है कि जब आप 40 से 50 के बीच की उम्र में होते हैं तो सेवानिवृत्ति आपके लिए हकीकत बन जाती है और आप जानते हैं कि अब वह दूर नहीं है। 

 
विल्स टावर्स वाटसन और एचएसबीसी के एक हालिया सर्वेक्षण में कहा गया है कि अधिकतर लोग सेवानिवृत्ति के लिए बचत के बारे में ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। लेकिन फिर भी वे इसे लेकर चिंतित रहते हैं। विल्स टावर्स वाटसन ने हाल ही में एक सर्वेक्षण कराया, जिसमें करीब 56 फीसदी भारतीय कर्मचारियों को यह डर सता रहा था कि उनके माता-पिता सेवानिवृत्ति के बाद जिस तरह का जीवन बिता रहे हैं, वे उस तरह का जीवन नहीं बिता पाएंगे।
 
इससे पहले के एचएसबीसी के एक सर्वेक्षण में पाया गया था कि सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 21 फीसदी लोगों ने सेवानिवृत्ति के लिए बचत भी शुरू नहीं की थी जबकि बचत शुरू करने वालों में से 44 फीसदी ने वित्तीय दिक्कतों के कारण इसे बंद कर दिया था। हालांकि ये सर्वेक्षण सभी उम्र समूह के लोगों के बीच किए गए थे, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के लिए कम बचत की चिंता 40 से 50 साल के बीच शुरू होती है और यह 50 से 60 के बीच होने पर बढ़ जाती है। इसलिए आपको क्या करना चाहिए? क्या आपने पर्याप्त बचत की है? यह देखें कि क्या आप सेवानिवृत्ति की मद में पर्याप्त निवेश कर रहे हैं। यह निर्धारित करने का सही तरीका यह है कि यह देखें कि आपका वर्तमान घरेलू खर्च कितना है। इसमें से वे खर्च घटा दें, जो सेवानिवृत्ति के बाद खत्म हो जाएंगे जैसे परिवहन, बच्चों का खर्च आदि। इसके बाद इसमें वे खर्च जोड़ें जो सेवानिवृत्ति के बाद बढ़ेंगे जैसे मेडिकल बिल। जब आप आज के हिसाब से सेवानिवृत्ति के बाद के खर्च का अनुमान लगा लेते हैं तो सेवानिवृत्ति के पश्चात के वास्तविक खर्च के आंकड़े पर पहुंचने के लिए अनुमानित महंगाई दर का इस्तेमाल करें। इसके बाद अपने पोर्टफोलियो पर अनुमानित रिटर्न की दर और आपकी अनुमानित जीवन प्रत्याशा का इस्तेमाल कर आप उस राशि पर पहुंच सकते हैं, जो आपको हर महीने निवेश करने की जरूरत पड़ेगी। इसे एक वित्तीय मॉडल कहा जाता है। 
 
विकल्प 
 
अगर आप पर्याप्त निवेश नहीं कर रहे हैं और आपको यह लगता है कि मैं लक्षित सेवानिवृत्ति कोष जमा नहीं कर पाऊंगा तो आप यहां दी जा रहीं कुछ रणनीतियां अपना सकते हैं। बचत और निवेश की दर बढ़ाने की कोशिश करें, भले ही आपको अपने खर्च घटाने पड़ें। जो निवेशक 40 से 50 साल के बीच होते हैं, उनकी सेवानिवृत्ति में करीब 15 से 20 साल का समय होता है। प्लान अहेड वेल्थ एडवाइजर्स के चीफ फाइनैंशियल प्लानर विशाल धवन कहते हैं, 'उनके निवेश की अवधि लंबी होती है, इसलिए वे शेयरों में अपना निवेश बढ़ाकर ज्यादा आक्रामक पोर्टफोलियो बना सकते हैं।'खुद को शिक्षित और ज्यादा कुशल बनाकर ज्यादा वेतन देने वाली नौकरी में जाने की कोशिश करें। कुछ साल के लिए विदेशी काम की जिम्मेदारी लेना भी एक विकल्प है। अगर आपकी पत्नी ने बच्चों की परवरिश के लिए नौकरी छोड़ दी थी तो उनके फिर नौकरी पकडऩे की संभावनाएं तलाश करें। 
 
अपने लंबी अवधि के लक्ष्यों- घर खरीदना, बच्चों की शिक्षा और सेवानिवृत्ति की योजना के बारे में विचार करें और इनमें से उस लक्ष्य को चुनें जिसे लेकर आप समझौता कर सकते हैं। इससे भी अहम यह है कि आप अपने प्रत्येक वर्तमान निवेश की समीक्षा करें ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनका सबसे बेहतर निवेश किया गया है। रियल एस्टेट, शेयर और उन अन्य संपत्तियों की बिक्री करें जो बेहतर प्रतिफल नहीं दे रही हैं। इस पैसे को बेहतर प्रतिफल देने वाली संपत्तियों में निवेश करें। 
 
फिक्स्ड इनकम ïवाले निवेशकों के लिए : 
 
भारतीय निवेशकों में से ज्यादातर सेवानिवृत्ति जैसे दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए भी मुख्य रूप से फिक्स्ड इनकम योजनाओं पर निर्भर होते हैं। ऐसा करना उन्हें महंगा पड़ सकता है। राइट हॉरिजंस के मुख्य कार्याधिकारी अनिल रेगो कहते हैं, 'लंबी अवधि में भारत में ब्याज दरें घटेंगी क्योंकि वे इस समय विश्व के अन्य हिस्सों से काफी अधिक हैं।' फिक्स्ड इनकम योजनाओं में निवेश करने वाले निवेशकों को पुनर्निवेश के जोखिम का सामना करना पड़ता है। पुनर्निवेश जोखिम का मतलब है कि जब उनका वर्तमान निवेश परिपक्व हो जाता है तो उन्हें कम ब्याज दरों पर फिर से निवेश करना होगा। ऐसे निवेशकों को प्रतिफल की मामूली दर के बजाय वास्तविक प्रतिफल की दर पर ध्यान देना चाहिए। धवन कहते हैं, 'अगर ब्याज दरें घटती हैं और मुद्रास्फीति ऊपर रहती है तो प्रतिफल की वास्तविक दर ऋणात्मक होगी और वह एक समस्या खड़ी करेगी।'
 
फिक्स्ड इनकम योजनाओं के निवेशकों के लिए दो विकल्प हैं। पहला, वे लंबी अवधि की डेट इंस्ट्रुमेंट खरीद सकते हैं और अपने निवेश को वर्तमान ब्याज दरों पर लॉक कर सकते हैं। इससे उनके फिर से निवेश का जोखिम खत्म हो जाएगा। कर मुक्त बॉन्ड, दीर्घकालिक बैंक सावधि जमाएं (10 साल से अधिक अवधि) और सरकारी प्रतिभूतियां ऐसे विकल्प हैं, जिनका वे इस्तेमाल कर सकते हैं। दूसरा विकल्प शेयरों में निवेश है। धवन कहते हैं, 'जो निवेशक फिक्स्ड इनकम योजनाओं में रकम लगा रहे हैं, उनके सामने शेयरों के प्रतिफल से संबंधित दीर्घकालिक ऐतिहासिक आंकड़े दिखाए जाने चाहिए। इससे वे यह मानेंगे कि भले ही शेयरों में 2 से 3 साल की अवधि का निवेश जोखिमभरा हो सकता है, लेकिन जब इसकी अवधि 10 साल या उससे अधिक होती है तो यह अन्य संपत्तियों के मुकाबले काफी ज्यादा प्रतिफल दे सकता है।'
 
ऐसे निवेशकों को खुद को शेयरों में निवेश के फायदों के बारे में शिक्षित करना चाहिए। तभी वे इस विकल्प के फायदों और बाजार में गिरावट के पहले संकेत से निकासी नहीं करने की बात समझेंगे। जोखिम से बचने वाले निवेशकों को भी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान के जरिये अपनी निवेश प्रक्रिया को स्वचालित बनाना चाहिए। पुरातन सोच वाले निवेशकों को भी धीरे-धीरे शेयरों में निवेश शुरू  करना चाहिए। रेगो कहते हैं, 'वे मासिक आय योजनाओं और बैलेंस्ड फंड के जरिये शेयरों में पदार्पण कर सकते हैं। मासिक आय योजनाओं में 20 से 25 फीसदी राशि शेयरों में निवेश की जाती है, जबकि बैलेंस्ड फंडों में करीब 65 फीसदी निवेश शेयरों में किया जाता है। जब वे इनमें निवेश को लेकर सहज हो जाते हैं तो वे शुद्ध इक्विटी फंडों की तरफ बढ़ सकते हैं।'
 
मुश्किल वक्त पड़े तो असामान्य कदम उठाएं
 
अगर सेवानिवृत्ति राशि काफी कम है तो एक विकल्प बड़े शहर में मौजूद अपना घर बेचकर छोटे शहर में पलायन करना है, जहां नए की लागत और रहन-सहन की लागत दोनों होने के आसार हैं। उसी शहर में छोटे घर में जाना भी एक विकल्प है। कपूर कहते हैं, 'पुराने घर और नए घर की कीमत की अंतर राशि का सेवानिवृत्ति कोष के लिए निवेश किया जा सकता है।' जो लोग खुद को बड़ी मुश्किल में पा रहे हैं, वे अपनी किसी पुश्तैनी संपत्ति को बेचने के बारे में भी विचार कर सकते हैं। अगर दो भाइयों या बहनों को विरासत में एक घर मिला है और एक इसे रखना चाहता है जबकि दूसरा इसे नकदी के लिए बेचना रखना चाहता है तो ऐसे मामलों में एक के दूसरे का हिस्सा खरीदने का विकल्प तलाशा जा सकता है। 
Keyword: retirement, salary, fund,,
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