Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, September 24, 2017 12:20 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विश्लेषण खबर

आईसीआईसीआई बैंक: परिसंपत्ति गुणवत्ता दबाव बढ़ा, वृद्घि धीमी
शीतल अग्रवाल /  July 31, 2016

बढ़ते परिसंपत्ति गुणवत्ता दबाव के बीच कई बैंकों के लिए ट्रेजरी आय में मजबूती मददगार साबित हुई है। पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी), आईसीआईसीआई बैंक को भी शुद्घ लाभ के मामले में जून 2016 की तिमाही की शानदार ट्रेजरी आय से मदद मिली। अधिक ट्रेजरी आय, कर बचत आदि से आईसीआईसीआई बैंक को पहली तिमाही में शुद्घ ब्याज आय (एनआईआई) में गिरावट की भरपाई करने में मदद मिली। एनआईआई प्राप्त ब्याज और ब्याज खर्च के बीच का अंतर है और इससे बैंक के प्रमुख व्यवसाय के प्रदर्शन का संकेत मिलता है।

 
आईसीआईसीआई बैंक की ट्रेजरी आय एक साल पहले की तिमाही की तुलना में 3.7 गुना बढ़कर 768 करोड़ रुपये पर रही और उसने पहली तिमाही में 642 करोड़ रुपये का कर प्रावधान और आस्थगित कर दर्ज किया। इसके परिणामस्वरूप बैंक की कर दर एक साल पहले की तिमाही की तुलना में 27 फीसदी से घटकर 17.3 फीसदी रह गई। इन कारकों की वजह से आईसीआईसीआई बैंक के  शुद्घ लाभ में गिरावट सालाना आधार पर 25 फीसदी पर सीमित रही और वह बाजार अनुमान को तोडऩे में सफल रहा। बैंक का 2,232 करोड़ रुपये का शुद्घ लाभ ब्लूमबर्ग के 2,109 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक है।
 
हालांकि परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर चिंताएं बरकरार रह सकती हैं। जहां तिमाही आधार पर प्रावधान में कमी आई हैं, वही बैंक का सकल और शुद्घ गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात सालाना आधार पर बढ़ा है। खराब ऋणों में वृद्घि भी 8,249 करोड़ रुपये के साथ ऊंचे स्तर पर बनी रही जो 792 करोड़ रुपये की रिकवरी की तुलना में काफी अधिक है। बैंक का वॉचलिस्ट (कर्ज के फंसने की आशंका) 38,723 करोड़ रुपये पर प्रतिस्पर्धियों में सर्वाधिक है और इससे स्लिपेज यानी फंसे कर्ज में वृद्घि हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि इसलिए परिसंपत्ति गुणवत्ता से जुड़ी चिंताएं भविष्य में इस शेयर पर लगातार दबाव बनाए रख सकती हैं। 
 
कमजोर परिसंपत्ति गुणवत्ता से आईसीआईसीआई बैंक का राजस्व प्रभावित हो रहा है और इसका एनआईआई सालाना आधार पर 0.9 फीसदी की सपाट वृद्घि के साथ 5,159 करोड़ रुपये पर रहा। यह 32 तिमाहियों (यह जून 2010 की तिमाही में 0.3 फीसदी बढ़ा था) में बैंक की सबसे कम एनआईआई वृद्घि है। बैंक प्रबंधन ने बढ़ते खराब ऋणों की वजह से ब्याज आय पर दबाव को कमजोर एनआईआई वृद्घि की मुख्य वजह करार दिया है। 
 
वित्तीय परिणाम की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आईसीआईसीआई बैंक की निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी चंदा कोछड़ ने संकेत दिया कि एनआईआई वृद्घि में रुझान परिसंपत्ति गुणवत्ता दबाव घटने तक इसी तरह का बना रहेगा। इसके अलावा बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात पहली तिमाही में 44.7 फीसदी पर दर्ज किया गया। इन वजहों से आईसीआईसीआई बैंक के शेयर पर भविष्य में दबाव बना रह सकता है। 
Keyword: ICICI, life, insurance, PNB, bank,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या बुलेट ट्रेन के लिए देश भर में बने हीरक चतुर्भुज?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.