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क्रेडिट कार्ड खर्च में कमी लाने की जरूरत
प्रिया नायर /  07 03, 2016

क्रेडिट कार्ड हाथ में हो तो अक्सर ग्राहक खुद को राजा समझते हैं और जमकर उसे स्वाइप करते हैं। बैंकों की कुल उधारी कहां-कहां गई है, इस बारे में भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि इस साल 18 मार्च तक क्रेडिट कार्ड के बकाये में साल भर पहले के मुकाबले 23.7 फीसदी बढ़ोतरी हो गई थी। कुल बकाया रकम 37,700 करोड़ रुपये थी, जबकि पिछले साल 18 मार्च तक यह रकम केवल 30,500 करोड़ रुपये ही थी। जाहिर है, इसमें तेज इजाफा हुआ है। 

 
आंकड़े यह भी बताते हैं कि फरवरी 2016 में क्रेडिट कार्ड से कुल 20,921 करोड़ रुपये के लेनदेन हुए थे, जबकि जनवरी में हुए कुल लेनदेन की कीमत केवल 18,886 करोड़ रुपये थी। फरवरी 2016 तक क्रेडिट कार्ड लेनदेन की वैल्यू 20,921 करोड़ रुपये थी जो जनवरी के 18,886 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके उलट फरवरी में डेबिट कार्ड से कुल 12,954 करोड़ रुपये के लेनदेन हुए, जबकि जनवरी में इनसे 14,611 करोड़ रुपये के लेनदेन किए गए थे। साफ है कि फरवरी में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन में तेजी आई और डेबिट कार्ड पिछड़ गए। एक और दिलचस्प आंकड़ा यह है कि 2009-10 में प्रति कार्ड औसतन 2,642 रुपये का लेनदेन हुआ था, लेकिन पिछले वित्त वर्ष में यह बढ़कर 3,106 रुपये प्रति कार्ड पहुंच गया। इस तरह छह साल में कार्ड से होने वाले औसत लेनदेन में 17.5 फीसदी का इजाफा हुआ।
 
भारतीय स्टेट बैंक के आर्थिक शोध विभाग ने यही देखकर कहा, 'पर्सनल लोन में क्रेडिट कार्ड का कर्ज बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पता चलता है कि उपभोक्ता किस तेजी से कर्ज ले रहे हैं। महंगाई की धीमी चाल भी इसकी एक वजह हो सकती है, जिसे देखकर उपभोक्ताओं को खर्च करने का हौसला मिल रहा है। भारत में प्रति क्रेडिट कार्ड बकाया के हिसाब से आकलन करने पर परिवारों पर चढ़ा कर्ज भी वास्तव में बढ़ता दिख रहा है।' क्रेडिटमंत्री के मुख्य कार्याधिकारी एवं सह-संस्थापक रंजीत पंजा कहते हैं कि दो साल पहले बैंक बहुत देखभाल कर क्रेडिट कार्ड जारी करते थे, लेकिन अब वे आराम से इन्हें बांट रहे हैं। वह कहते हैं, 'अब 15,000 से 20,000 रुपये मासिक आय वाले लोग भी क्रेडिट कार्ड के लिए दरख्वास्त डाल रहे हैं। आम तौर पर इस तबके को क्रेडिट कार्ड नहीं मिलते। यह कहना मुश्किल है कि यह मांग पहले से मौजूद थी या अभी बढऩे लगी है।' बहरहाल पंजा कहते हैं कि क्रेडिट कार्ड से होने वाले कुल खर्च में बढ़ोतरी ग्राहकों के लिए चिंता का सबब होनी चाहिए। कर्ज के जाल में फंसने से पहले आप को इसे कम करने में जुट जाना चाहिए। ज्यादातर लोग क्रेडिट कार्ड के कर्ज में फंस जाते हैं क्योंकि यह धीरे-धीरे बढ़ता है। अगर आप पर क्रेडिट कार्ड का बड़ा कर्ज है तो आपको भविष्य में जरूरी कर्ज मिलने में दिक्कत आएगी क्योंकि इस समय बैंक आपके कर्ज के बारे में क्रेडिट ब्यूरो से रिपोर्ट लेते हैं। फिर भी अगर आप क्रेडिट कार्ड के भारी भरकम बकाये में पहले ही फंस चुके हैं तो इसे कम करने के लिए कई रास्ते अपनाने होंगे।
 
लेनदेन की ईएमआई 
 
आज आप बड़ी खरीद करते हैं तो बैंक आपको तुरंत सूचना भेजते हैं, जिसमें उसे ईएमआई में तब्दील करने का विकल्प भी दिया जाता है। ऐक्सिस बैंक में रिटेल ऐसेट्ïस के प्रमुख राजीव आनंद कहते हैं, 'आप अपनी खरीद को ईएमआई में बदल सकते हैं। इससे आप एक ही महीने में पूरी रकम चुकाने के जरिये किस्तों में उसे निपटा सकते हैं।' आप ऑनलाइन खरीद करें या दुकान पर जाकर सामान खरीदें, ईएमआई का विकल्प आपको दोनों में मिलता है। आपकी खरीद की जो मूल कीमत होगी, आपकी क्रेडिट लिमिटे में उतनी ही कमी कर दी जाएगी। आप किस्तों की शक्ल में जितनी रकम चुकाते जाएंगे, क्रेडिट लिमिट उतनी ही बढ़ती जाएगी। लेकिन समय पूर्व अदायगी का विकल्प आपके पास नहीं रहता। बैंकबाजार के आदिल शेट्टïी कहते हैं कि क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई के विकल्प का चयन करना बेहतर है। उनका कहना है, 'कुछ क्रेडिट कार्ड ईएमआई बनाते वक्त ब्याज ही नहीं लेते। इसके अलावा रिवार्ड पॉइंट और ई-कॉमर्स कंपनियों से मिलने वाली अतिरिक्त छूट का भी आपको फायदा मिलता है। अगर आपका बैंक लेनदेन को ईएमआई में बदलने पर ब्याज लेता है तो भी वह ब्याज क्रेडिट कार्ड पर सामान्य ब्याज दर की तुलना में कम हो सकता है।'
 
कर्ज का पर्सनल लोन
 
बकाये को पर्सनल लोन में भी बदला जा सकता है। कोटक महिंद्रा बैंक के वरिष्ठï कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (पर्सनल ऐसेट्ïस) सुमित बाली ने कहा, 'यदि बकाया रकम निर्धारित सीमा को पार कर जाती है तो हमारा सुझाव है कि ग्राहक इसे पर्सनल लोन में तब्दील कराएं ताकि हर महीने वे कुछ हिस्सा अदा करते जाएं।' उन्हें फायदा होगा क्योंकि पर्सनल लोन पर ब्याज की दर क्रेडिट कार्ड बकाया पर वसूले जाने वाले ब्याज से काफी कम है। लेकिन पंजा कहते हैं कि क्रेडिट कार्ड पर पहले ही काफी कर्ज लिया गया होगा तो उसे पर्सनल लोन में तब्दील कराना मुश्किल होगा। लेनदेन को ईएमआई में तब्दील कराने के बजाय पर्सनल लोन लेने पर आपको कर्ज चुकाने के लिए लंबा वक्त भी मिल जाता है। ईएमआई तो 6 से 12 महीने में ही चुकानी होती हैं, लेकिन पर्सनल लोन पांच साल तक के लिए लिया जा सकता है। पर्सनल लोन 14 से 17 फीसदी ही ब्याज दर चलती है, लेकिन क्रेडिट कार्ड बकाया पर 30 फीसदी तक ब्याज वसूला जा सकता है।
 
सुरक्षित ऋण लेना
 
पंजा कहते हैं कि आपको अधिक ब्याज दर वाले क्रेडिट कार्ड ऋण को सस्ते कर्ज में तब्दील करने की जरूरत होगी और इसके लिए श्रेष्ठï विकल्प है सुरक्षित ऋण लेना। इनमें स्वर्ण ऋण, सावधि जमा पर ऋण, शेयरों पर ऋण आदि शामिल हैं। आप स्वर्ण आभूषण, बैंक एफडी या शेयरों जैसी संपत्तियों को गिरवी रख सकते हैं और इन पर ऋण ले सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ शर्तों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। उदाहरण के लिए, स्वर्ण ऋण के मामले में, आपको लोन-टु-वैल्यू अनुपात का ध्यान रखने की जरूरत होगी जो फिलहाल 75 फीसदी ही है। इसका मतलब है कि आपको सोने की कीमत का 75 फीसदी तक ही कर्ज मिल सकता है। यदि आप शेयरों पर ऋण लेना चाहते हैं तो यह सुनिश्चित कर लें कि शेयर बैंक की स्वीकृति प्रतिभूतियों की सूची में शामिल हो। कई बैंक सिर्फ शीर्ष रेटिंग वाली कंपनियों के शेयरों पर ही ऋण देते हैं। लेकिन दोनों ही सूरतों में अगर सोने के भाव या शेयर भाव गिरते हैं तो आपको कुछ रकम बैंकों के पास जमा करानी पड़ सकती है।
 
ऑनलाइन है वजह
 
स्टेट बैंक की रिपोर्ट सतर्क रहने को तो कहती है, लेकिन यह भी बताती है कि हालात 2009 की तरह चिंताजनक नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, 'कुल ऋण में पर्सनल लोन का हिस्सा एक बार फिर बढ़ रहा है। इससे पता नहीं चलता कि पहले जैसी चिंताजनक स्थिति होने जा रही है या उजले भविष्य के संकेत दिख रहे हैं। लेकिन मामला 2009 की तरह चिंताजनक नहीं लग रहा है।' कोटक महिंद्रा बैंक के सुमित बाली भी मानते हैं कि रिटेल उधारी में तेजी आ रही है, लेकिन यह भी कहते हैं कि अभी फिक्र की बात नहीं है। वह कहते हैं, 'ई-कॉमर्स में तेजी के साथ क्रेडिट कार्ड लेनदेन भी बढ़ रहे हैं। भारत में युवा कर्ज को लेकर अधिक सहज महसूस कर रहे हैं और वे वित्तीय रूप से समझदार हैं। ऐसे भी ग्राहक हैं जो थोड़ा बकाया चुका देते हैं, थोड़ी क्रेडिट लिमिट हासिल कर लेते हैं और फिर से कार्ड का इस्तेमाल करने लगते हैं।'
Keyword: cerdit card, bank, loan,,
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