स्वच्छता के एजेंडा को जोर-शोर से आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने आज कहा कि शौचालय को हर महिला का संवैधानिक अधिकार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ये बातें खुले में शौच करने को जन्मसिद्ध अधिकार होने की आम भारतीय मानसिकता पर प्रहार करते हुए कही।
उन्होंने कहा, शौचालय हर महिला का ----उसकी निजता, उसकी मर्यादा के लिए मौलिक अधिकार है। हर स्कूल, हर आंगनवाड़ी और हर घर में निश्चित तौर पर शौचालय होना चाहिए।
रमेश ने यहां संवाददाताओं से कहा, जब तक आप शौचालय नहीं बनाएंगे तब तक हम इंदिरा आवास योजना के तहत धन नहीं देंगे। हम शौचालय को अनिवार्य बना रहे हैं। यह संवैधानिक अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने राज्य के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ यहां सफाई की दिशा में केरल में हुई प्रगति की समीक्षा करने के दौरान कही।