| साल के अंत तक सेवाएं लॉन्च करेगी एस-टेल | | बीएस संवाददाता / नई दिल्ली November 06, 2009 | | | | |
शिवा समूह और बहरीन टेलीकाम के बीच स्थापित संयुक्त उद्यम कंपनी एसटेल इस साल के अंत तक कुछ सर्किलों में मोबाइल सेवाएं लॉन्च करने वाली है।
कंपनी ने इस उद्देश्य के लिए 2,000 करोड़ रुपये जुटाने के संबंध में फंडों के साथ गठबंधन की घोषणा की है। कंपनी ने हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, जम्मू कश्मीर और असम सर्किलों के लिए दूरसंचार लाइसेंस हासिल किए हैं।
एसटेल के सीईओ शामिक दास ने कहा, ''सफल खाताबंदी के साथ हम चालू वर्ष और अगले साल की शुरुआत में छह सर्किलों में सेवाएं शुरू करने को तैयार हैं।'' अन्य 16 सर्किलों के संबंध में उन्होंने बताया कि उनके बारे में कंपनी सक्रियता से काम कर रही है। हालांकि उन्होंने इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं दी।
उन्होंने कहा कि आईडीबीआई की अगुवाई में आठ सरकारी बैंक, कंपनी को 9 साल के लिए 953 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के लिए आगे आए हैं। साथ ही, शिवा ग्रुप और बाटेल्को ने इसमें 1,253 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी लगाई है। कंपनी के मुताबिक इस फंड का इस्तेमाल अगले दो से तीन साल में किया जाएगा।
बहरीन टेलीकॉम (बाटेल्को) ने एस-टेल में 49 फीसदी हिस्सेदारी 22.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। बाकी की 51 फीसदी हिस्सेदारी शिवा ग्रुप के पास है। कंपनी ने टावर की जरूरत को पूरा करने के लिए टाटा, रिलायंस, भारती और क्यूप्पो के साथ समझौता कर रखा है। साथ ही, उसने अपने आईटी ऑपरेशंस भी ऑउटसोर्स कर दिए है।
एस-टेल ने सभी 22 सर्किलों में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे सिर्फ छह सर्किलों के ही लाइसेंस मिले। दरअसल, दूरसंचार विभाग ने लाइसेंस के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 25 सितंबर, 2007 कर दी थी।
बाद में कंपनी ने इसे दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसने दूरसंचार विभाग के इस फैसले को गलत करार दिया था। दूरसंचार विभाग ने अब इस मामले को ट्राई के पास भेज दिया है।
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