| छोटे और मझोलों की गुहार, पीपीपी से लगा दो नैया पार | | विष्णु पाण्डेय / कानपुर November 06, 2009 | | | | |
बिजली संकट से निजात दिला पाने में नाकाम रही सरकार से खफा कानपुर के छोटे और मझोले उद्योगों (एसएमई) को अब बस एक ही आस बची है।
इसके तहत वे चाहते हैं कि क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपना कर पावर प्लांट लगवाएं जाएं ताकि बिजली समस्या से उन्हें छुटकारा मिल सके। उद्यमियों ने सरकार से पीपीपी मॉडल के तहत बनाए जाने वाले प्लांट पर सब्सिडी देने का भी अनुरोध किया है।
एसएमई की प्रतिनिधि संस्था इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने इस अनुरोध के साथ कई अन्य मांगों के लिए भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली एसएमई टास्क फोर्स को लिखित में एक परामर्श पत्र सौंपा है।
आईआईए के कानपुर चैप्टर के अध्यक्ष सुनील वैश्य ने बताया कि एसोसिएशन ने प्रस्ताव दिया है कि क्षेत्र में पीपीपी आधार पर पावर प्लांट बनवा कर उनसे आसपास के औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने की व्यवस्था की जाए।
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