| रियल एस्टेट फंड अब दिखा रहे हैं सक्रियता | | वंदना / मुंबई November 06, 2009 | | | | |
दुनिया भर में फंड उगाही के मामले में लगभग 5 सालों के न्यूनतम स्तर तक पहुंचने के बाद रियल एस्टेट फंड अब हरकत में आ रहे हैं।
कई नई और मौजूदा रियल एस्टेट फंड फंड उगाही के लिए घरेलू और विदेशी बाजारों में दबदबा बनाने की योजना बना रही हैं। दुनिया भर में बाजार धारणा के मजबूत होने के बाद रियल एस्टेट सेक्टर ने भी ज्यादा नेटवर्थ वाले लोगों (एचएनआई) से नकदी पाने की कवायद में लुभाना शुरू कर दिया है। घरेलू रियल एस्टेट फंड इस मौके का इस्तेमाल कर रही हैं।
पीरामल समूह की इंडियारीट फंड एडवाइजर की योजना 500 करोड़ रुपये तक के रियल एस्टेट फंड की उगाही करने की है। एएसके इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स ने हाल ही में घरेलू रियल एस्टेट फंड की उगाही की और इसकी योजना 25 करोड़ डॉलर के विदेशी रियल एस्टेट फंड की उगाही की है।
सूत्रों का कहना है कि आईसीआईसीआई वेंचर इस साल की चौथी तिमाही में एक रियल एस्टेट फंड लॉन्च करने की योजना बना रही थी। सूत्रों का कहना है कि मॉगर्न स्टेनले का भारत में एक वैश्विक रियल एस्टेट फंड है जिसके लिए यह इस साल के अंत तक भारत केंद्रित रियल एस्टेट फंड की उगाही करने की सोच रहा है।
एएसके इंवेस्टमेंट होल्डिंग के कार्यकारी निदेशक सुनील रोहोकाले का कहना है, 'इस वक्त निवेशक परिसंपत्तियों में अपना पैसा लगाना चाहते हैं। कुद जगहों पर रियल एस्टेट की कीमतों में तेजी से सुधार हुआ है।' हालांकि पूंजी बाजार में बहुत ज्यादा नकदी है लेकिन रियल एस्टेट डेवलपर्स अब भी फंड की कमी की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
ऐसे में रियल एस्टेट फंड की भूमिका बढ़ जाती है। रियल एस्टेट खिलाड़ियों के पास बहुत जमीन है लेकिन इन जमीन से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत करने के लिए जितनी पूंजी की जरूरत थी वजह भी फिलहाल नहीं है। जून से ही मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में आवासीय रियल एस्टेट की कीमतों में औसतन 15-20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई।
फरवरी से ही वैश्विक रियल एस्टेट निवेश बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर 16 अरब डॉलर इक्विटी लगाया गया। एक रिपोर्ट का कहना है, 'निवेशकों ने इस वक्त जो इक्विटी लगाई है उससे संकेत मिलता है कि वे मौजूदा कीमतों के स्तर पर इसकी वैल्यू को देख रहे हैं।'
एक वेल्थ मैनेजर का कहना है, 'एचएनआई और सुपर एचएनआई इस वक्त रियल एस्टेट निवेश को लेकर बहुत ज्यादा गंभीर हैं। लेकिन वे अब अपनी फंड की रणनीति और जिस फंड मैनेजर को वे चुनते हैं उनको लेकर अब वे ज्यादा जागरुक हो चुके हैं। हालांकि कुछ तो इसमें से निकलने की भी कोशिश कर रहे हैं वहीं कुछ एचएनआई प्रत्यक्ष निवेश के लिए विकल्प ढूंढ रहे हैं।'
आमतौर पर रियल एस्टेट फंड परियोजना के स्तर पर निवेश करते हैं। मिसाल के तौर पर सेबी में पंजीकृत वेंचर कैपिटल फंड, माइलस्टोन रियल एस्टेट फंड ने हाल में कोलकाता के एक आवासीय परियोजना में 110 करोड़ रुपये का निवेश किया। माइलस्टोन गोदरेज प्रोपर्टीज के साथ एक प्रोजेक्ट बना रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रियल एस्टेट फंड में एचएनआई निवेश की सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें कम पैसे का निवेश भी किया जा सकता है। वर्ष 2006 से पहले रियल एस्टेट फंड में प्रवेश करने में एचएनआई के सामने कई बाधाएं थीं। अब कम से कम 25 लाख रुपये तो कहीं 10 लाख रुपये तक का भी निवेश किया जा सकता है।
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