| फिर दुही जाएंगी दुधारू गायें | | सरकार सूचीबद्ध सार्वजनिक उपक्रमों में बेचेगी कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी | | | बीएस संवाददाता / नई दिल्ली November 05, 2009 | | | | |
राजकोषीय घाटे के बोझ और खजाने की खस्ता हालत को देखकर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार अपने कमाऊ पूत यानी मुनाफे वाले सार्वजनिक उपक्रमों के पास पहुंच रही है।
सरकार ने ऐसी सभी कंपनियों को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराने और उसके बाद उनमें कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। बिक्री से मिली रकम सामाजिक योजनाओं को अमली जामा पहनाने में काम आएगी।
इस योजना से बाजार को सहारा मिल सकता है और सरकार को राजकोषीय घाटा पाटने में मदद भी मिल सकती है। नई योजना से तकरीबन 50 सरकारी कंपनियों को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध करने का रास्ता खुल सकता है। इनमें भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), राइट्स लिमिटेड और इरकॉन भी शामिल हैं।
लेकिन सरकार ने सूचीबद्ध कराने के लिए यह शर्त रखी है कि कंपनी पिछले तीन साल से लगातार मुनाफा कमा रही हो। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज यह फैसला लिया। समिति की बैठक के बाद गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बताया कि सूचीबद्ध सार्वजनिक उपक्रमों की कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी अनिवार्य रूप से बेची जाएगी।
इनमें सरकार को नैशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएमडीसी) में 8.3 फीसदी और एमएमटीसी में 9.3 फीसदी हिस्सेदारी बेचनी होगी। चिदंबरम ने यह भी जाहिर कर दिया कि इन गैर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर बाजार में पहुंचने के बाद उनकी 10 फीसदी हिस्सेदारी भी बेच दी जाएगी।
इस बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'बेशक मुनाफा कमाने वाली किसी भी कंपनी में 100 फीसदी हिस्सेदारी सरकार अपने पास नहीं रख सकती।' उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के बजट भाषण में यह साफ बताया गया था।
गृह मंत्री ने बताया कि विनिवेश के बाद भी सरकार के पास इन उपक्रमों की कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी। विनिवेश के जरिये इकट्ठा होने वाली रकम राष्ट्रीय निवेश कोष में जमा होगी। अप्रैल 2009 से मार्च 2012 तक इस कोष में जमा होने वाली रकम का इस्तेमाल सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में किया जाएगा। उसके बाद जमा रकम कोष में ही रहेगी।
चिदंबरम ने इसके लिए खजाने की खस्ता हालत का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राजकोषीय हालात मुश्किल हैं, इसीलिए रकम हासिल करने के लिहाज से विनिवेश किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि शेयरों की बिक्री के लिए सरकार ने अभी तक कोई मियाद तय नहीं की है। उन्होंने कहा कि बाजार में हालात अनुकूल होने के बाद उचित समय पर शेयर बिक्री की जाएगी।
बाज़ार ने भरी हामी
विनिवेश योजना का ऐलान विदेशी बाजारों की सुस्ती पर भारी पड़ा और देसी बाजार उछाल के साथ बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सुबह तेजी से गिरा था, लेकिन फिर उसमें 523 अंक का उछाल आया और कल के मुकाबले 151.77 अंक चढ़कर वह 16063.90 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 54.75 अंक चढ़कर 4765.55 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाज़ार में दहाड़ेंगे सरकारी शेर
सरकार ने विनिवेश को रफ्तार देने का किया फैसला
सूचीबद्ध पीएसयू में 10 फीसदी विनिवेश अनिवार्य
गैर सूचीबद्ध पीएसयू जाएंगे शेयर बाज़ार में
सूचीबद्ध होने पर उनका भी होगा विनिवेश
इससे रकम इकट्ठा होगी राष्ट्रीय निवेश कोष में
मार्च 2012 तक एकत्र रकम लगेगी सामाजिक योजनाओं में
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