| जल्द पटेगा पटनी का सौदा | | प्रमोटरों की हिस्सेदारी बिकने पर फैसला जनवरी 2010 तक | | | रवि मेनन / बेंगलुरु November 05, 2009 | | | | |
पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स में हिस्सेदारी बेचने की प्रमोटरों की योजना अगले साल परवान चढ़ सकती है।
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल कंपनी के प्रमोटर इस मामले में तमाम कंपनियों से आई पेशकश पढ़ने में जुटे हैं। अंतिम फैसला अगले साल जनवरी तक लिए जाने की उम्मीद है।
देश की छठी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक पटनी में प्रमोटरों के पास कुल 48.3 फीसदी हिस्सेदारी है। यह हिस्सेदारी कंपनी के गैर कार्यकारी चेयरमैन नरेंद्र पटनी और उनके छोटे भाइयों गजेंद्र पटनी तथा अशोक पटनी में बराबर बंटी हुई है। निजी इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक के पास इसकी 18 फीसदी हिस्सेदारी है।
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि जनरल अटलांटिक हिस्सेदारी बेचने के लिए इच्छुक कंपनियों से बातचीत में जुटी है। हिस्सेदारी खरीदने के लिए दावेदारों में एलऐंडटी का नाम सबसे ऊपर आ रहा है। इनके अलावा डेल-पेरट, फुजित्सु, आईबीएम और एक्सेंचर जैसी कंपनियां प्रमोटरों की हिस्सेदारी का कम से कम 25 फीसदी हिस्सा खरीदने की जुगत भिड़ा रही हैं।
गजेंद्र और अशोक पटनी ने दो साल पहले कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने की कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहे क्योंकि उस वक्त नरेंद्र पटनी ने कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन की कुर्सी छोड़ने से इनकार कर दिया था। लेकिन इस साल फरवरी में एम्फैसिस लिमिटेड के पूर्व मुख्य कार्य अधिकारी जय कुमार पटनी कंप्यूटर में आए और नरेंद्र पटनी गैर कार्यकारी चेयरमैन बन गए।
उसके बाद हिस्सेदारी बिक्री की योजना ने फिर तूल पकड़ लिया। हालांकि हिस्सेदारी बिक्री के बारे में पटनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी सुरजीत सिंह ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने अटकलों पर टिप्पणी से मना कर दिया। लेकिन इन खबरों के चलते कंपनी का शेयर बंबई स्टॉक एक्सचेंज में 8.22 फीसदी चढ़कर 494.50 रुपये पर बंद हुआ।
प्रमोटरों के पास है कंपनी में 48.3 फीसदी हिस्सा
जनरल अटलांटिक के पास 18 फीसदी हिस्सा
प्रमोटर कर रहे हैं बोलियों की पड़ताल
खरीदारों के नाम का खुलासा जनवरी तक
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