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| प्रत्यक्ष कर संग्रह में मामूली इजाफा | | बीएस संवाददाता / नई दिल्ली November 05, 2009 | | | | |
कॉरपोरेट कर से प्राप्त राजस्व में गिरावट के चलते अक्टूबर माह में प्रत्यक्ष कर संग्रह मामूली बढ़कर 20,822 करोड़ रुपये हो गया।
पिछले साल की इसी अवधि में 19,708 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर संग्रह किया गया था। अक्टूबर में कॉरपोरेट कर संग्रह 4.72 फीसदी घटकर 9,424 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 9,891 करोड़ रुपये था।
अक्टूबर में व्यक्तिगत आयकर संग्रह 16.1 फीसदी बढ़कर 11,398 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 9,817 करोड़ रुपये था। चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों (अप्रैल-अक्टूबर) के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह 3.92 फीसदी बढ़कर 1,73,447 करोड़ रुपये रहा।
पिछले साल इसी अवधि में 1,66,905 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर संग्रह किया गया था। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक बयान में कहा कि इस अवधि के दौरान हुआ कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह की वृध्दि में कमी मुख्यत: कर रिफंड बढ़ने के कारण है। इस बार इस अवधि में कर रिफंड पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 63.95 प्रतिशत बढ़कर 33,137 करोड़ रुपये हो गया।
पिछले साल इसी अवधि में 20,212 करोड़ रुपये का रिफंड किया गया था। अक्टूबर तक कॉरपोरेट कर संग्रह 4.59 फीसदी बढ़कर 1,09,996 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में 1,05,174 करोड़ रुपये था। व्यक्तिगत आयकर इस दौरान 2.87 फीसदी बढ़कर 63,195 करोड़ रुपये हो गया।
पहले सात महीनों में एसटीटी में 2.79 फीसदी का इजाफा हुआ और यह 3,865 करोड़ रुपये रहा। सीबीडीटी के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल के अंत तक 3,50,000 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य रखा गया है।
अर्थव्यवस्था में सुधार को देखते हुए लगता है कि यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 3,70,000 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से 9.4 फीसदी ज्यादा है।
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