| लाएंगे डॉलर का निवेश इसलिए जा रहे विदेश | | शशिकांत त्रिवेदी / भोपाल November 03, 2009 | | | | |
मुश्किल एवं लंबी कागजी प्रक्रिया, महंगी बिजली और बुनियादी ढांचे के कमजोर विकास के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार इस वर्ष भी निवेश आकर्षित करने की रस्म अदायगी करेगी, जिसका मुख्य केंद्र कृषि प्रसंसकरण क्षेत्र होगा।
कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के तरीके सीखने के लिए प्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत अधिकारियों का एक पलटन ऑस्ट्रेलिया, जापान और सिंगापुर की यात्रा पर है।
उद्योग विभाग की शाखा 'ट्रेड ऐंड फैसिलिटेशन कॉरपोरेशन' (ट्रीफैक) 'आईएल ऐंड एफएस इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड' (आईआईडीसी) के साथ मिलकर प्रदेश में कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं प्रदर्शित करने का प्रयास करेगा।
हालांकि 'डेस्टिनेशन मध्य प्रदेश' कार्यक्रम के तहत इस तरह की कोशिश पहले भी की गई थी, जिससे कुछ हासिल नहीं किया जा सका था। कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में विदेशी एवं घरेलू निवेश आकर्षित करने के अभियान के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस वर्ष नई दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद को चुना है।
प्रस्तावित योजना के मुताबिक इसी महीने की 21 तारीख को एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्तरी राज्यों के निवेशक हिस्सा लेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, 'इस साल दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्य प्रदेश दिवस मनाने की योजना है।'
इससे पहले पिछले वर्ष अगस्त में प्रदेश के उद्योग विभाग और आईआईडीसी ने मुंबई में निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की थी। हैदराबाद में निवेशकों की बैठक इसी वर्ष 17 दिसंबर को होगी और प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर नई दिल्ली में भी निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी।
अधिकारी ने कहा, 'इन बैठकों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी हिस्सा लेंगे और प्रमुख कंपनियों के साथ निवेश से संबंधित चर्चा करेंगे। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश बढ़ाना होगा।' अधिकारी ने बताया कि अगले वर्ष 18-19 मार्च को इंदौर में 'डेस्टिनेशन मध्य प्रदेश 2009-10' के तहत वैश्विक निवेशकों की बैठक आयोजित की जाएगी।
पिछले वर्ष भी इंदौर में ही यह आयोजन किया गया था, जिसमें 'फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री' (फिक्की) की मदद ली गई थी।
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