| कर्ज़ चुकाकर इस्पात भी देगी खतरों को मात | | नेविन जॉन और अभिनीत कुमार / मुंबई November 02, 2009 | | | | |
अधिग्रहण के खतरे से बचने के लिए इस्पात इंडस्ट्रीज 800 करोड़ रुपये का कर्ज अगले अगले वित्त वर्ष में ही चुकाने की योजना बना रही है।
कंपनी ने 14 ऋणदाताओं से कुल मिलाकर 7,000 करोड़ रुपये का कर्ज ले रखा है। अगर कंपनी देर करती है तो ये ऋणदाता अपने कर्ज के बदले उसमें हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं क्योंकि शेयरधारक भी इस बात पर मंजूरी की मुहर लगा चुके हैं।
कंपनी के कार्यकारी निदेशक (वित्त) अनिल सुरेका ने बताया, 'परिचालन मुनाफे से पता चल रहा है कि कंपनी आगे बढ़ रही है, इससे हमें यकीन हो गया है कि कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त रकम हम जुटा लेंगे।'
अगर कंपनी कर्ज नहीं चुका पाती है तो कर्ज देने वाले तकरीबन 665 करोड़ रुपये के शेयर तरजीही आधार पर आवंटित करा सकते हैं। 19.38 रुपये प्रति शेयर की कीमत के साथ इस तरह उनके पास कंपनी की 19.53 फीसदी हिस्सेदारी आ जाएगी।
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