Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, July 24, 2017 08:00 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम व्यापार गोष्ठी
सवालमोदी की घोषणाओं का असर?
जवाबप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर किसानों, बुजुर्गों, छोटे कारोबारियों, गरीबों और गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय राहत उपलब्ध कराने की घोषणाएं की हैं. नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर उन्होंने फिर से भरोसा दिलाया है कि इससे होनेवाली परेशानियां बेकार नहीं जायेंगी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी. छोटे किसानों के कर्ज पर दो महीने की ब्याज माफ करने तथा नाबार्ड को सस्ते कर्ज के लिए वित्त मुहैया कराने से कृषि संकट से मुश्किलों का सामना कर रहे खेती के काम में लगे लोगों को मदद मिलने की गुंजाइश बनी है. इससे आर्थिक बेहतरी आऐंगी,और विभिन्न वर्गों को राहत मिलेंगी। नकदी की कमी का असर भी इस तबके पर पड़ा है. इस वर्ष मॉनसून सामान्य रहने से बेहतर पैदावार की उम्मीद है. ऐसे में छोटे और मंझोले किसानों की आमदनी बढ़ सकेगी. इसी तरह से गरीबों को आवास के लिए आसान कर्ज तथा बुजुर्गों की जमा-पूंजी पर अधिक ब्याज देना भी सराहनीय कदम है. पर अब असली सवाल यह है कि इन घोषणाओं को जल्दी अमली जामा पहनाया जाये और इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाये ताकि ज्यादा-से-ज्यादा जरूरतमंदों को फायदा पहुंच सके. आसान कर्ज की नीतियां पहले भी घोषित की जाती रही हैं और अब भी कई योजनाएं चल रही हैं. इन योजनाओं का देश के समग्र विकास को गति प्रदान करने में दूरगामी परिणाम होगा। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर अपने दृष्टिकोण के माध्यम से देश के नागरिकों के विकास के सपने को साकार करने और समाज के सभी वर्गों की आर्थिक बेहतरी के लिए ठोस रणनीति को सामने रखा है। देश के किसानों,महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और गरीबों की आर्थिक बेहतरी की दृष्टि से आने वाला नया वर्ष 2017 बड़े परिवर्तन लाने वाला साबित होगा। उन्होंने इन वर्गों के विकास के लिए बड़ी रियायतों की घोषणा की है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि सरकारी कामकाज में लापरवाही और बैंकों के उत्साह में कमी के कारण छोटे किसानों और कारोबारियों को ऐसी योजनाओं के तहत कर्ज नहीं मिल पाता है, या फिर उन्हें भ्रष्टाचार का शिकार होना पड़ता है. हालांकि प्रधानमंत्री ने इन अड़चनों को दूर करने का भरोसा दिया है, पर निचले स्तरों पर मुस्तैद रहने से ही घोषणाएं कारगर हो सकेंगी. इन घोषणाओं पर अमल से आवास के लिए जरूरी वस्तुओं की मांग बढ़ेगी. किसानों को होनेवाली बचत उनकी क्रय शक्ति में इजाफा करेगी. बुजुर्ग भी ब्याज की अतिरिक्त आय को निवेशित कर पाने की स्थिति में होंगे. इन कारकों से बाजार की मौजूदा मंदी को कम करने में मदद मिल सकती है. आशा की जानी चाहिए कि संबद्ध सरकारी विभाग, बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं लाभुकों तक इन्हें पहुंचाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेंगे. आनिल कु सक्सेना, श्री राधा सदन, 273 ए. पी. कोलोनी, गया, बिहार 823001, mob 9431272010 em saxenaak273@yahoo.co.in
By आनिल कुमार सक्सेना
आगे पढ़े  
 
 सवाल
 
सवालघटिया दवाओं पर कैसे लगे अंकुश?
सवालकैसे दुरुस्त हो रियल्टी की हालत?
सवालजीएसटी की दिक्कतों से कैसे उबरें छोटे कारोबारी?
सवालजीएसटी पर आपकी राय?
सवालमोदी की अमेरिका यात्रा कितनी फायदेमंद?
सवालकैसे बढ़े रोजगार?
सवालकिसानों की समस्याओं का क्या है स्थायी निदान?
सवालकचरा प्रबंधन नीति पर आपकी राय?
सवालजीएम फसलें कितनी जरूरी?
सवालजीएसटी की नई दरों पर आपकी राय?
सवालकैसा रहा मोदी सरकार का 3 साल का कामकाज?
सवालस्वच्छता अभियान कितना सफल?
सवालरेरा कानून से बदलेगा रियल एस्टेट?
सवालनिजी स्कूलों की फीस पर आपकी राय?
सवालकैसे रुकें रेल हादसे?
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या रक्षा क्षेत्र में एफडीआई में देनी चाहिए और ढील?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.